उत्तर प्रदेश: निलंबित PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के राजनीति में उतरने के संकेत; बोले— 'भाजपा की नीतियों के खिलाफ विकल्प की तैयारी, चुप नहीं बैठूंगा'

निलंबित PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के राजनीति में उतरने के संकेत; बोले— भाजपा की नीतियों के खिलाफ विकल्प की तैयारी, चुप नहीं बैठूंगा
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अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी (UGC) के हालिया नियमों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया।

निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने शाहजहांपुर में भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए राजनीति में उतरने की मंशा साफ कर दी है।

शाहजहांपुर : उत्तर प्रदेश के चर्चित और फिलहाल निलंबित चल रहे पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सक्रिय राजनीति में आने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं।

एक निजी कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने न केवल भाजपा सरकार की नीतियों पर निशाना साधा, बल्कि यह भी कहा कि जनता के हक की लड़ाई लड़ने के लिए अब वे 'विकल्प' तैयार करने की दिशा में सोच रहे हैं।

​यूजीसी (UGC) के नए नियमों पर सरकार को घेरा

​अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी (UGC) के हालिया नियमों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बदलाव छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मौजूदा नेता इन छात्र-विरोधी नियमों के खिलाफ अपनी आवाज क्यों नहीं उठा रहे हैं? उन्होंने नेताओं को नसीहत दी कि उन्हें अपने स्वार्थ छोड़कर जनता और छात्रों के मुद्दों पर मुखर होना चाहिए।

​भाजपा पर निशाना: 'विपक्ष की चुप्पी और सत्ता का अहंकार'

​अग्निहोत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि सत्ता के अहंकार में आम आदमी की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि जब मुख्य विपक्षी दल जनता की आवाज नहीं बन पा रहे हैं, तो एक नए और मजबूत विकल्प की जरूरत महसूस होती है। उनके इस बयान को उनके राजनीति में आने के औपचारिक एलान के तौर पर देखा जा रहा है।

​विकल्प की तैयारी और भविष्य की रणनीति

​राजनीति में आने के सवाल पर अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वे फिलहाल परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं और विकल्प की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि वे जल्द ही किसी राजनीतिक मंच से या एक नए संगठन के जरिए प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।

उनका कहना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने व्यवस्था की खामियों को करीब से देखा है और अब वे इसे बाहर से सुधारना चाहते हैं।

​निलंबन और विवादों का पृष्ठभूमि

​अलंकार अग्निहोत्री पिछले कुछ समय से अपने निलंबन और सरकार के खिलाफ मुखर बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी रहते हुए भी उनके कई फैसले और बयान सुर्खियों में रहे।

अब जबकि वे राजनीति की बात कर रहे हैं, तो शाहजहांपुर और आसपास के जिलों में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि वे शिक्षित युवाओं और मध्यम वर्ग को अपने साथ जोड़कर एक नई सियासी जमीन तलाश रहे हैं।

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