'धर्म का मुखौटा' उतारना जरूरी: रायबरेली की धरती से राहुल गांधी का सरकार पर सीधा हमला

राहुल गांधी ने महंगाई और बेरोजगारी को देश की सबसे बड़ी चुनौती करार दिया।
रायबरेली: लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर असली मुद्दों को छिपाने के लिए धर्म का सहारा लेने का आरोप लगाया और कार्यकर्ताओं को 'डरो मत' का मंत्र दिया।
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि उस विचारधारा से है जो देश में डर और नफरत का माहौल पैदा कर रही है।
कार्यकर्ताओं को साहस का मंत्र: 'लड़ते रहें और डरें नहीं'
राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि देश में डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हमें इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने आह्वान किया कि जब तक सच्चाई की जीत नहीं हो जाती, तब तक संघर्ष जारी रखना होगा। राहुल के अनुसार, विपक्ष का मुख्य काम जनता की आवाज को बिना डरे शासन तक पहुँचाना है।
नरेंद्र मोदी सारा पावर अपने हाथों में लेकर गरीबों को भूखा मारना चाहते हैं।
— Congress (@INCIndia) January 20, 2026
मनरेगा से गांधी जी का नाम हटाकर उनका अपमान किया है। मगर मुख्य बात नाम बदलने की नहीं है। हमारी गरीब जनता को जो सुरक्षा दी गई थी, उसे मोदी सरकार ने खत्म कर दिया है।
कांग्रेस पार्टी पूरे देश में मनरेगा को… pic.twitter.com/oQ1oSZf3bJ
सरकार पर आरोप: धर्म के नाम पर आडंबर की राजनीति
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सत्ता ने 'धर्म का आडंबर' ओढ़ रखा है, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।
राहुल ने आरोप लगाया कि जब भी जनता महंगाई, बेरोजगारी या किसानों की बदहाली पर सवाल पूछती है, सरकार धर्म के पीछे छिपने की कोशिश करती है। उन्होंने इसे बेनकाब करना लोकतंत्र के लिए आवश्यक बताया।
असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की रणनीति का विरोध
राहुल गांधी ने महंगाई और बेरोजगारी को देश की सबसे बड़ी चुनौती करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां केवल कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को फायदा पहुँचाने के लिए बनाई जा रही हैं।
उनके अनुसार, युवाओं को रोजगार देने के बजाय सरकार उन्हें खोखले वादों और धार्मिक विवादों में उलझा रही है। उन्होंने जनता से इन असल मुद्दों पर एकजुट रहने की अपील की।
रायबरेली से पारिवारिक और भावनात्मक जुड़ाव
अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से बात करते हुए राहुल गांधी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि रायबरेली के साथ उनका रिश्ता राजनीतिक नहीं, बल्कि पारिवारिक है।
उन्होंने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि वह संसद में उनके हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेंगे और इस क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
सत्य की राजनीति और विपक्ष का भविष्य
राहुल गांधी ने सत्य और निडरता को राजनीति का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सच को दबाया जा सकता है, लेकिन उसे मिटाया नहीं जा सकता।
उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि आने वाले समय में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन सड़क से लेकर संसद तक सरकार की घेराबंदी और तेज करेंगे ताकि जनता के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
