लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र आज हंगामे के आसार के बीच शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया को संबोधित किया और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर महत्वपूर्ण बात कही। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सदन चर्चा और संवाद का मंच है, न कि कार्यवाही में बाधा डालने का।

​सदन संवाद का मंच, व्यवधान का नहीं: सीएम योगी

​सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानमंडल बातचीत और चर्चा से अपनी गरिमा बनाए रखता है। उन्होंने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि कार्यवाही में रुकावट डालकर जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा सकता।

सीएम ने सभी सदस्यों से सकारात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील की, ताकि प्रदेश के विकास के लिए पेश होने वाले बजट पर सार्थक बातचीत हो सके।

​राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सत्र का आगाज

​सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका खींचा। इस दौरान विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन के भीतर विरोध प्रदर्शन की भी कोशिश की।

​बजट सत्र पर अखिलेश यादव का पलटवार

​दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। विपक्ष का कहना है कि वे महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। सत्र के दौरान सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले आगामी बजट को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

​सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भारी पुलिस बल

​बजट सत्र और विपक्ष के संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए विधान भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष ने भी सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की है।