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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कल यानी 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना बजट पेश करने जा रही है। बजट पेश होने से ठीक पहले विधानसभा में पेश की गई 'आर्थिक समीक्षा 2025-26' ने प्रदेश की तरक्की का खाका सामने रख दिया है।
समीक्षा के अनुसार, उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था इस चालू वित्तीय वर्ष में 36 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को छूने की ओर अग्रसर है। पिछले 8 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था दोगुनी से अधिक बढ़ी है, जो यूपी को देश का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
9 वर्षों में तीन गुना विस्तार की ओर इकॉनमी
आर्थिक समीक्षा के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2016-17 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था महज 13.30 लाख करोड़ रुपये की थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 30.25 लाख करोड़ रुपये के पार पहुँच गई है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को बताया कि 2025-26 के अंत तक इसके 36 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यानी महज 9 वर्षों में यूपी की अर्थव्यवस्था करीब तीन गुना बढ़ जाएगी। राष्ट्रीय जीडीपी में यूपी का योगदान भी 8.6% से बढ़कर अब 9.1% हो गया है।
प्रति व्यक्ति आय में ऐतिहासिक उछाल
प्रदेश के आम आदमी की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार दर्ज किया गया है। समीक्षा के अनुसार, उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय जो 2016-17 में 54,564 रुपये थी, वह 2024-25 में बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है।
आगामी वित्तीय वर्ष में इसके 1.20 लाख रुपये के पार जाने की संभावना है। पहली बार प्रति व्यक्ति आय में राष्ट्रीय औसत के मुकाबले यूपी की स्थिति में 50.2% से सुधार होकर 53.5% तक की वृद्धि हुई है।
कृषि से आगे बढ़कर इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर में दबदबा
यूपी अब केवल 'खेती-किसानी' वाला राज्य नहीं रहा। आर्थिक समीक्षा दर्शाती है कि प्रदेश की जीएसडीपी (GSDP) में अब सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 47% और औद्योगिक क्षेत्र की 27.2% हो गई है, जबकि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का योगदान 25.8% है। यह विविधता दर्शाती है कि यूपी अब बहु-क्षेत्रीय विकास के रास्ते पर है।
कल आएगा 9 लाख करोड़ का 'ऐतिहासिक' बजट
कल 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना सदन में अनुमानित 9 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश कर सकते हैं। यह पिछले वर्ष के 8.08 लाख करोड़ के बजट से करीब 10-12% बड़ा होने की उम्मीद है।
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए नई योजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़ी घोषणाएं होने की संभावना है।
स्वास्थ्य और पूंजीगत व्यय पर विशेष जोर
सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रिकॉर्ड 46,728.48 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो अब तक का सर्वाधिक है। इसके अलावा, पूंजीगत व्यय में भी दो गुने से अधिक की वृद्धि की गई है, जिससे नए उद्योगों के लिए बेहतर माहौल और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। राज्य को अब तक 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
