लखनऊ: रेलवे बोर्ड की सदस्य (वित्त) मंजूषा जैन ने बुधवार को लखनऊ स्थित भारतीय रेलवे परिवहन प्रबंधन संस्थान (आईआरआईटीएम) का दौरा किया। संस्थान पहुंचने पर उनका स्वागत महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर और अपर महानिदेशक संजय त्रिपाठी सहित वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने गर्मजोशी से किया।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य संस्थान की शैक्षणिक कार्यप्रणाली का जायजा लेना और भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा के भविष्य के अधिकारियों का मार्गदर्शन करना था।
संस्थान की उपलब्धियों और शैक्षणिक ढांचे का अवलोकन
दौरे की शुरुआत में मंजूषा जैन को आईआरआईटीएम की महत्वपूर्ण भूमिका और इसकी अत्याधुनिक अधोसंरचना के बारे में विस्तार से ब्रीफिंग दी गई। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यह संस्थान भारतीय रेलवे के अधिकारियों को परिचालन, परिवहन प्रबंधन, सुरक्षा और वित्त जैसे जटिल विषयों में विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान करता है।
इस दौरान उन्हें एक बड़ी उपलब्धि से भी अवगत कराया गया कि हाल ही में क्षमता निर्माण आयोग द्वारा आईआरआईटीएम को “सर्वोत्कृष्ट” श्रेणी में मान्यता दी गई है, जो इसकी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण गुणवत्ता का प्रमाण है।
प्रशिक्षण सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का निरीक्षण
मंजूषा जैन ने संस्थान परिसर का विस्तृत भ्रमण किया और वहां उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं, डिजिटल लाइब्रेरी और अन्य तकनीकी संसाधनों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के क्षमता निर्माण की दिशा में संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की।
उन्होंने कहा कि रेलवे जैसे विशाल संगठन के कुशल संचालन के लिए अधिकारियों का निरंतर प्रशिक्षण और उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि करना भविष्य की चुनौतियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रशिक्षु अधिकारियों को सुशासन और पारदर्शिता का मंत्र
दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आईआरएमएस के प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ उनका संवाद रहा। संस्थान के सभागार में अधिकारियों को संबोधित करते हुए मंजूषा जैन ने सार्वजनिक सेवा के आदर्शों पर जोर दिया।
उन्होंने अपने उद्बोधन में स्पष्ट किया कि वित्तीय अनुशासन, जवाबदेही और पारदर्शिता ही किसी भी सुशासन की असली आधारशिला होती है। उन्होंने युवा अधिकारियों को प्रेरित किया कि वे अपने कार्यक्षेत्र में इन नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता दें ताकि रेलवे की सेवाओं को और अधिक पारदर्शी और जन-हितैषी बनाया जा सके।
भविष्य की चुनौतियों के लिए अधिकारियों को किया प्रेरित
अपने संबोधन के समापन पर उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से तकनीक और आधुनिक प्रबंधन के साथ तालमेल बिठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक सफल रेल अधिकारी वही है जो वित्तीय नियमों के साथ-साथ परिचालन की बारीकियों को समझे और संगठन के विकास में अपना सर्वोत्तम योगदान दे। संस्थान के महानिदेशक ने उनके आगमन और बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया, जिससे प्रशिक्षु अधिकारियों के मनोबल में भारी वृद्धि देखी गई।