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फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक सरकारी स्कूल में उस समय अफरातफरी मच गई, जब स्वास्थ्य विभाग के अभियान के तहत दी गई दवा खाते ही 100 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
बच्चे पेट दर्द, जी मिचलाने और उल्टी की शिकायत करते हुए तड़पने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिले भर की एम्बुलेंस को मौके पर बुला लिया गया है और प्रभावित बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल पहुँचाया जा रहा है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अभियान के तहत बच्चों को दवा वितरित की गई थी। दवा खाने के कुछ ही समय बाद, एक-एक कर बच्चों की हालत बिगड़ने लगी।
देखते ही देखते बीमार बच्चों की संख्या 100 के पार पहुँच गई, जिससे स्कूल परिसर और गांव में कोहराम मच गया।
जिले भर की एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी सक्रिय हो गए। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों से एम्बुलेंस को तत्काल स्कूल की ओर रवाना कर दिया गया।
गांव में चीख-पुकार का माहौल है और गुस्साए अभिभावक स्कूल परिसर में इकट्ठा हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के बड़े अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है और बेड आरक्षित कर दिए गए हैं।
दवा की गुणवत्ता पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों में चलाई जाने वाली योजनाओं और दवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों को एक्सपायरी या घटिया गुणवत्ता की दवा दी गई, जिसके कारण उनकी जान जोखिम में पड़ गई। प्रशासन ने मौके से दवा के सैंपल सील कर दिए हैं और जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों का जमावड़ा
मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौजूद है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। डॉक्टरों की प्राथमिक प्राथमिकता बच्चों की हालत स्थिर करना है।
फिलहाल कई बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
