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मथुरा : वृंदावन वाले संत प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता और उनके दर्शनों के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए 'राधा केलि कुंज' आश्रम प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव किया है।
अब भक्तों को दर्शन के टोकन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आश्रम ने टोकन वितरण की प्रक्रिया को और अधिक सुलभ और तेज बना दिया है, जिससे श्रद्धालु अब कम समय में महाराज के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर सकेंगे।
टोकन व्यवस्था में बड़ा बदलाव: 4 दिन का इंतजार खत्म
अब तक प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए टोकन व्यवस्था के तहत भक्तों को काफी समय पहले पंजीकरण कराना पड़ता था और दर्शन मिलने में लगभग चार दिन या उससे अधिक का समय लग जाता था।
आश्रम के नए निर्णय के अनुसार, अब टोकन वितरण की गति और दर्शन के स्लॉट को इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि श्रद्धालु टोकन मिलने के मात्र दो दिन के भीतर महाराज के दर्शन कर सकेंगे। इस फैसले से उन भक्तों को बड़ी राहत मिलेगी जो दूर-दराज के राज्यों से केवल दर्शन की अभिलाषा लेकर वृंदावन आते हैं।
दर्शन का नया समय और प्रक्रिया
महाराज के दर्शन मुख्य रूप से रात्रि के समय 'पद यात्रा' और सुबह के सत्संग के दौरान होते हैं। नई व्यवस्था के तहत:-
टोकन वितरण: आश्रम द्वारा निर्धारित समय पर टोकन का वितरण पहले की तरह ही होगा, लेकिन अब डेली कोटा को व्यवस्थित किया गया है ताकि बैकलॉग न बढ़े।
आधार कार्ड अनिवार्य: श्रद्धालुओं को अपना टोकन प्राप्त करने के लिए अपना ओरिजिनल आधार कार्ड और उसकी फोटोकॉपी साथ रखनी होगी।
सीमित संख्या: दर्शन की गरिमा और महाराज के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन दर्शनार्थियों की संख्या सीमित रखी जाएगी, लेकिन प्रक्रिया को तेज किया गया है।
भारी भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए फैसला
प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए हर दिन हजारों की संख्या में भक्त वृंदावन पहुँच रहे हैं। वीकेंड को यह भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। आश्रम प्रशासन ने पाया कि टोकन के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची होने के कारण भक्तों को ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं में परेशानी हो रही थी।
इसी असुविधा को दूर करने और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए अब दर्शन की अवधि को घटाकर 2 दिन के भीतर सीमित करने का प्रयास किया गया है।
सत्संग और प्रश्नोत्तरी में भी बदली व्यवस्था
दर्शन के साथ-साथ महाराज के सत्संग और 'प्रश्नोत्तरी' में शामिल होने वाले भक्तों के लिए भी नियमों को स्पष्ट किया गया है। आश्रम ने अपील की है कि केवल वही लोग टोकन के लिए लाइन में लगें जिनका पंजीकरण पहले नहीं हुआ है, ताकि नए आगंतुकों को भी अवसर मिल सके। आश्रम के वॉलिंटियर्स और स्थानीय पुलिस के सहयोग से दर्शन मार्ग को भी पहले से अधिक सुव्यवस्थित किया गया है।
