उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर विपक्षी दलों को जमकर आड़े हाथों लिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण बिल) के पारित न हो पाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। सीएम योगी ने कहा कि जिस तरह से विपक्षी दलों ने सदन के भीतर व्यवहार किया, वह देश की आधी आबादी का अपमान है।

उन्होंने विपक्ष की मानसिकता को 'कुत्सित' करार दिया और कहा कि इतिहास इस कृत्य के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।

​"संसद में हुआ द्रौपदी का चीर हरण" 
सीएम योगी ने विपक्षी दलों के रवैये की तुलना महाभारत के 'द्रौपदी चीर हरण' प्रसंग से की। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के दिन विपक्ष का आचरण वैसा ही था जैसा द्वापर युग में द्रौपदी के चीर हरण के समय कौरवों का था।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब पूरा देश महिलाओं को अधिकार मिलते देखना चाहता था, तब विपक्ष ने न केवल बिल को रोका, बल्कि सदन के भीतर मेजें थपथपाकर खुशियां मनाईं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का यह अपमान आधुनिक भारत के इतिहास में एक काला धब्बा है।

​"किसी का हक नहीं छीना जा रहा था" 
विपक्ष द्वारा फैलाए गए 'भ्रम' का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अधिनियम के जरिए किसी का भी हक नहीं छीना जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं को उनका वाजिब हक देने और 21वीं सदी की नारी को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का एक पवित्र प्रयास था।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर, दक्षिण, पूर्व या पश्चिम—किसी भी राज्य की भागीदारी कम नहीं होने वाली थी, बल्कि परिसीमन के बाद सभी क्षेत्रों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने वाला था।

​कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों पर 'साजिश' का आरोप 
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके सहयोगी क्षेत्रीय दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद अपना वजूद खो चुकी है और अब वह 'परजीवी' की तरह क्षेत्रीय दलों की पीठ पर सवार होकर राजनीति कर रही है।

सीएम ने आरोप लगाया कि इन परिवारवादी पार्टियों को डर है कि अगर सामान्य पृष्ठभूमि की महिलाएं सदन में पहुँच गईं, तो उनके परिवार की सत्ता खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने एक ईमानदार प्रयास की 'भ्रूण हत्या' कर दी है और वे इस पाप के सीधे गुनहगार हैं।

​सोमनाथ से स्वाभिमान तक: संकल्प की शक्ति 
 
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम योगी ने सोमनाथ मंदिर और स्वाभिमान यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा के लिए राष्ट्र का स्वाभिमान और नारी का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भले ही आज विपक्ष ने अपने संख्याबल का दुरुपयोग कर बिल को बाधित किया हो, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प अडिग है।

सीएम योगी ने चेतावनी दी कि 21वीं सदी की जागरूक नारी विपक्ष के इस चेहरे को पहचान चुकी है और आने वाले समय में वह इस अपमान का करारा जवाब देगी।

बाबा साहब के विचारों के विपरीत और राज्यों के साथ साजिश 
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि विपक्ष न केवल महिलाओं का विरोधी है, बल्कि वह बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के विचारों के विपरीत भी काम कर रहा है। उन्होंने परिसीमन के विवाद पर जवाब देते हुए कहा कि इस अधिनियम में उत्तर-दक्षिण समेत सभी राज्यों के हितों को सुरक्षित रखा गया है। सभी राज्यों में सीटें समान अनुपात में बढ़ाई गई हैं और किसी का हक नहीं छीना गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल केवल भ्रम फैलाकर विकास को बाधित करना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि महिलाएं सशक्त हुईं तो उनका परिवारवाद खत्म हो जाएगा।

​सुधारवादी कदमों में बाधा और जनता की अदालत 
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा से 'लटकाने और भटकाने' का रहा है। दशकों तक शासन करने के बावजूद विपक्ष ने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया और जब मोदी सरकार ठोस कदम उठा रही है, तो वे रोड़े अटका रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद में जो अपमान नारी शक्ति का हुआ है, उसकी कसक हर महिला के मन में है। देशभर में महिलाएं इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं और आने वाला चुनाव इन 'नारी विरोधी' दलों के लिए राजनीतिक अंत का संदेश लेकर आएगा।