संभल में यादव समाज ने 'यादव जी की लव स्टोरी' फिल्म के टाइटल और कहानी को समाज विरोधी बताते हुए पोस्टर जलाए और नारेबाजी की

संभल : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में फिल्मों के जरिए जाति विशेष को निशाना बनाने का आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। नेटफ्लिक्स की फिल्म 'घूसखोर पंडत' के खिलाफ हुए हालिया विरोध की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अब नई फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' ने विवादों का नया बवंडर खड़ा कर दिया है।

यादव समाज के लोगों ने बुधवार को संभल में जोरदार प्रदर्शन करते हुए फिल्म के पोस्टरों को पैरों तले रौंदा और फिल्म निर्माता को कड़ी चेतावनी दी है। समाज का आरोप है कि यह फिल्म उनकी सांस्कृतिक और सामाजिक गरिमा को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से बनाई गई है।

​समाज की छवि को धूमिल करने का आरोप

​प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध फिल्म के शीर्षक 'यादव जी की लव स्टोरी' और इसके कथानक को लेकर है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि फिल्म में यादव समाज की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक और भ्रामक चित्रण किया गया है।

लोगों का आरोप है कि फिल्म निर्माता सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए एक विशेष वर्ग और उनकी भावनाओं का मजाक बना रहे हैं। संभल के धनारी क्षेत्र में युवाओं ने इकट्ठा होकर नारेबाजी की और कहा कि कला के नाम पर समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​फिल्म निर्माता और निर्देशक के खिलाफ कानूनी घेराबंदी

​विरोध प्रदर्शन केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह कानूनी लड़ाई की ओर बढ़ गया है। यादव समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने धनारी थाने पहुँचकर फिल्म के निर्माता, निर्देशक अंकित भड़ाना और अन्य कलाकारों के खिलाफ लिखित तहरीर दी है।

शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि फिल्म के ट्रेलर और विजुअल्स समाज में विद्वेष फैलाने वाले हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए और फिल्म की रिलीज पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।

​'सिंपल यादव' के किरदार पर विवाद: 27 फरवरी की रिलीज रोकने का अल्टीमेटम

​यह फिल्म 27 फरवरी 2026 को रिलीज होने वाली है, जिसमें अभिनेत्री प्रगति तिवारी 'सिंपल यादव' नामक मुख्य किरदार निभा रही हैं। समाज के लोगों का कहना है कि फिल्म में जिस तरह से 'यादव समाज की बेटी' और एक अन्य समुदाय के युवक के बीच प्रेम कहानी को 'रोमैंटिक थ्रिलर' के रूप में पेश किया गया है, वह सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ सकता है।

उन्होंने फिल्म के निर्देशक अंकित भड़ाना को अल्टीमेटम दिया है कि यदि फिल्म से समाज का नाम नहीं हटाया गया और विवादित दृश्य कम नहीं किए गए, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन होगा।

​सिनेमा घरों को चेतावनी: "फिल्म चली तो खुद जिम्मेदार होगा प्रबंधन"

​संभल के स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिले के सभी सिनेमा हॉल मालिकों और थिएटर संचालकों को भी कड़ा संदेश भेजा है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी थिएटर में 'यादव जी की लव स्टोरी' का प्रदर्शन किया गया, तो होने वाली किसी भी तोड़-फोड़ या शांति व्यवस्था भंग होने की जिम्मेदारी सिनेमा प्रबंधन की होगी। उनका कहना है कि वे इस फिल्म को न तो जिले में और न ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर चलने देंगे।