लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बच्चों के प्रति अपनी आत्मीयता प्रकट करते हुए 'योगी की पाती' लिखी है। इस पत्र में उन्होंने बच्चों के बचपन को संवारने, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आने वाली परीक्षाओं के लिए उनका मनोबल बढ़ाने पर जोर दिया है।
चाइनीज मांझे से दूरी और पुलिस को सूचना देने की अपील
मुख्यमंत्री ने बच्चों को पतंगबाजी के शौक़ के बीच जानलेवा चाइनीज मांझे के प्रति सचेत किया है। उन्होंने कहा कि "पतंग से प्रेम ठीक है, लेकिन चाइनीज मांझे से पूरी तरह दूरी बनाएं।"
सीएम ने इस अभियान में बच्चों के सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि यदि उन्हें कहीं भी चाइनीज मांझा बिकता हुआ दिखे, तो वे अपने परिजनों के जरिए तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें।
मोबाइल की लत पर चिंता: 'किताबों से करें दोस्ती'
बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत पर चिंता व्यक्त करते हुए सीएम योगी ने कहा कि मोबाइल बच्चों का कीमती समय चुरा लेता है। उन्होंने पत्र में लिखा कि मोबाइल गेम और रील देखने में बच्चे घंटों बर्बाद कर देते हैं, जिससे न केवल समय की हानि होती है बल्कि उनकी आंखें भी कमजोर हो रही हैं। सीएम ने बच्चों को सलाह दी कि वे मोबाइल की जगह किताबों से दोस्ती करें और अपना अधिक समय परिवार के साथ बिताएं।
बोर्ड परीक्षार्थियों को सफलता का मंत्र: 'बिना डरे लिखें उत्तर'
आगामी बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने छात्रों को विशेष शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने छात्रों को तनावमुक्त रहने की सलाह देते हुए कहा कि वे बिना डरे और ध्यान से प्रश्न पत्र पढ़कर अपने उत्तर लिखें। सीएम ने छात्रों को नकारात्मक विचारों से दूर रहने और अपने प्रयासों में कोई कमी न रखने के लिए प्रेरित किया।
गीता के श्लोक से दी प्रेरणा: 'कर्म पर रखें ध्यान'
अपने पत्र का समापन करते हुए मुख्यमंत्री ने गीता के प्रसिद्ध उपदेश 'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन' का जिक्र किया। उन्होंने बच्चों को समझाया कि परिणाम की चिंता किए बिना केवल अपने कर्म और परिश्रम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने बच्चों को एक उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर होने के लिए आशीर्वाद भी दिया।