वृंदावन में संघ का महामंथन: शताब्दी वर्ष की कार्ययोजना और 'पंच परिवर्तन' पर मोहन भागवत करेंगे चर्चा

शताब्दी वर्ष की कार्ययोजना और पंच परिवर्तन पर मोहन भागवत करेंगे चर्चा
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मोहन भागवत के इस बैठक के एजेंडे में 'पंच परिवर्तन' का मुद्दा सबसे ऊपर है। 

वृंदावन के केशव धाम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की अध्यक्षता में अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू हुई है।

मथुरा: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत सात दिवसीय प्रवास पर कान्हा की नगरी वृंदावन पहुच चुके हैं। यहाँ चैतन्य विहार स्थित केशव धाम में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की उच्च स्तरीय बैठक शुरू हो रही है।

इस बैठक का मुख्य केंद्र वर्ष 2025 में संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित होने वाले शताब्दी वर्ष समारोह की अंतिम रूपरेखा तैयार करना है।

बैठक में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर के लगभग 40 प्रमुख केंद्रीय पदाधिकारी और क्षेत्रीय प्रचारक हिस्सा ले रहे हैं।

शताब्दी वर्ष का लक्ष्य: हर न्याय पंचायत तक पहुँचेगी शाखा

संघ ने अपने शताब्दी वर्ष तक देश के प्रत्येक मंडल और न्याय पंचायत स्तर तक संगठन के विस्तार का लक्ष्य रखा है। वृंदावन की इस बैठक में अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

स्थानीय मीडिया और सूत्रों के अनुसार, संघ का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग और सुदूर क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बनाई जाए।

इसके लिए 'गृह संपर्क अभियान' जैसी योजनाओं पर भी गहन मंथन किया जा रहा है, ताकि 100वें वर्ष में संघ की उपस्थिति राष्ट्रव्यापी और सर्वव्यापी हो सके।

'पंच परिवर्तन' के जरिए समाज में बड़े बदलाव की तैयारी

बैठक के एजेंडे में 'पंच परिवर्तन' का मुद्दा सबसे ऊपर है। संघ प्रमुख मोहन भागवत स्वयं इन पांच विषयों जैसे सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक कर्तव्य पर जोर दे रहे हैं।

इन विषयों को केवल स्वयंसेवकों तक सीमित न रखकर जन-आंदोलन बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है। बैठक में इस बात पर चर्चा होगी कि कैसे इन मूल्यों को आम भारतीय नागरिकों की दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए।

समसामयिक चुनौतियां और राष्ट्रव्यापी सुरक्षा पर विचार

संगठनात्मक विस्तार के साथ-साथ बैठक में देश की वर्तमान आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक स्थिति और समसामयिक ज्वलंत मुद्दों पर भी चर्चा की संभावना है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक स्थल 'केशव धाम' में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है।

इस चिंतन शिविर में देश के बदलते सामाजिक परिवेश और संघ की भविष्य की भूमिका को लेकर पदाधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

मथुरा प्रवास के दौरान धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सहभागिता

मोहन भागवत का यह प्रवास केवल बैठक तक सीमित नहीं है। वे वृंदावन में 10 जनवरी तक रुकेंगे, जिस दौरान वे चंद्रोदय मंदिर में अक्षय पात्र फाउंडेशन की रसोई और गौशाला का अवलोकन करेंगे।

इसके अतिरिक्त, वे सुदामा कुटी के शताब्दी समारोह में भी शामिल होंगे, जहाँ देश के कई दिग्गज संतों और राजनेताओं के जुटने की संभावना है।

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