योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: अब मात्र 5000 में होगी व्यावसायिक संपत्तियों की गिफ्ट डीड, 13 प्रस्तावों को मंजूरी

बैठक के अंत में राजस्व विभाग से जुड़े कुछ तकनीकी प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।
लखनऊ : राजधानी लखनऊ के लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार तेज करने के लिए 13 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इस बैठक में सबसे बड़ी राहत आम जनता और व्यापारियों को मिली है, जिनके लिए संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया को बेहद सस्ता और सरल बना दिया गया है।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में कड़ा रुख अपनाते हुए फर्जीवाड़ा करने वाले संस्थानों पर नकेल कसी है और स्वास्थ्य से लेकर बुनियादी ढांचे तक के लिए बड़े बजट व प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई है।
व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों की गिफ्ट डीड पर ऐतिहासिक राहत
प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अब व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों को अपने परिवार के सदस्यों (जैसे पुत्र, पुत्री, पत्नी, भाई, बहू आदि) के नाम 'गिफ्ट डीड' करने पर लगने वाले भारी-भरकम स्टांप शुल्क को खत्म कर दिया है।
मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि अब ऐसी संपत्तियों की रजिस्ट्री भी मात्र 5000 रुपये के स्टांप पर हो सकेगी। इससे पहले यह रियायत केवल आवासीय और कृषि भूमि तक सीमित थी, जबकि व्यावसायिक संपत्तियों पर सर्किल रेट के हिसाब से 5 से 7 प्रतिशत तक शुल्क देना पड़ता था।
इस फैसले से पारिवारिक विवादों में कमी आएगी और संपत्तियों का कानूनी हस्तांतरण आसान होगा।
जेएस विश्वविद्यालय शिकोहाबाद की मान्यता रद्द और परिसमापन
शिक्षा के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले संस्थानों के खिलाफ योगी सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। शिकोहाबाद स्थित निजी जेएस विश्वविद्यालय की मान्यता को पूरी तरह समाप्त कर उसका परिसमापन करने का निर्णय लिया गया है।
जांच में पाया गया कि इस विश्वविद्यालय ने बड़े पैमाने पर फर्जी मार्कशीट जारी की थीं और राजस्थान जैसे राज्यों में भी इसके फर्जीवाड़े के तार जुड़े थे।
कुलपति सुकेश यादव और कुलसचिव वंदन मिश्र की गिरफ्तारी के बाद ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट के आधार पर कैबिनेट ने इस संस्थान को बंद करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।
उत्तर प्रदेश सेमीकंडक्टर नीति 2024 में महत्वपूर्ण संशोधन
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में यूपी को ग्लोबल हब बनाने के लिए कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर नीति में संशोधन किया है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जनवरी 2024 में आई इस नीति के तहत अब उन बड़ी इकाइयों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी जो 3000 करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करेंगी।
ऐसी इकाइयों को 'केस टू केस' आधार पर कस्टमाइज्ड सब्सिडी और वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर फैब यूनिट्स को बिजली, पानी और भूमि आवंटन में भी भारी छूट दी जाएगी ताकि ग्लोबल कंपनियां यूपी की ओर आकर्षित हों।
वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति की नियमावली को मंजूरी
उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में उद्योग विभाग द्वारा तैयार की गई 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी)' नीति की नियमावली को कैबिनेट ने पास कर दिया है।
इस नीति का उद्देश्य दुनिया की बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपने रिसर्च, आईटी और बैक-ऑफिस ऑपरेशंस उत्तर प्रदेश में स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे राज्य के युवाओं के लिए उच्च स्तरीय तकनीकी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश में विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ेगा।
वाराणसी में 500 बेड का अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी सौगात मिली है। वाराणसी के मंडलीय चिकित्सालय परिसर में स्थित 11 पुराने और जर्जर भवनों को ध्वस्त किया जाएगा।
इन भवनों की जगह पर 500 बेड का एक विशाल और आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को आगामी 4 वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे न केवल वाराणसी बल्कि आसपास के जिलों और बिहार तक के मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के लिए 50 एकड़ भूमि
अपराध नियंत्रण और वैज्ञानिक जांच प्रणाली को मजबूत करने के लिए वाराणसी में 'नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी' की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
कैबिनेट ने इस विश्वविद्यालय के परिसर निर्माण के लिए 50 एकड़ प्राइम लोकेशन की जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह संस्थान फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में पढ़ाई और शोध के साथ-साथ पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों को तकनीकी सहायता प्रदान करेगा।
पीलीभीत में आधुनिक बस स्टेशन के लिए जमीन का आवंटन
पीलीभीत की जनता को परिवहन की बेहतर सुविधा देने के लिए मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर कनेक्ट रोड पर नया बस अड्डा बनाया जाएगा। इसके लिए 7000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन परिवहन विभाग को 30 साल की लीज पर देने का प्रस्ताव पास किया गया है, जिसे भविष्य में 30-30 साल के लिए दो बार और बढ़ाया जा सकता है।
यह बस स्टेशन पूरी तरह आधुनिक होगा और इसका निर्माण आगामी 2 साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
मेरठ IIMT विश्वविद्यालय का नोएडा में विस्तार
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार करते हुए कैबिनेट ने मेरठ स्थित आईआईएमटी निजी विश्वविद्यालय को नोएडा में अपना 'ऑफ कैंपस' खोलने की अनुमति दे दी है। सरकार ने इसके लिए औपचारिक संचालन प्राधिकार पत्र जारी करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है।
इससे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को आईआईएमटी के तकनीकी और व्यावसायिक कोर्सेज में दाखिला लेने की सुविधा मिलेगी।
कुशीनगर और झांसी में नए उप-निबंधक कार्यालयों का निर्माण
रजिस्ट्री से संबंधित कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए कुशीनगर और झांसी जिलों में नए 'सब-रजिस्ट्रार' कार्यालय बनाए जाएंगे।
इसके लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने और निर्माण बजट के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है। नए कार्यालय बनने से इन क्षेत्रों के लोगों को अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और काम भी समय पर होगा।
कानपुर पीएसी 37 वाहिनी में पुलिस कर्मियों के लिए नए आवास
पुलिस बल की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए कानपुर स्थित पीएसी 37 वाहिनी के जर्जर घोषित हो चुके पुराने भवनों को गिराने का फैसला लिया गया है।
इस खाली होने वाली जमीन पर पुलिस कर्मियों के परिवारों के लिए 108 नए 'टाइप-वन' आवासों का निर्माण किया जाएगा।
इसके लिए बजट और निर्माण एजेंसी के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है, जिससे पुलिस लाइन में आवास की समस्या काफी हद तक कम होगी।
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में बदलाव
खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए खेल विभाग के भर्ती नियमों में संशोधन किया गया है। वर्तमान में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के 18 पद सृजित हैं।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब इनमें से 2/3 पद विभागीय पदोन्नति के जरिए भरे जाएंगे, जबकि शेष 1/3 पदों पर सीधे तौर पर उन खिलाड़ियों की नियुक्ति की जाएगी जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीते हैं। इससे मेधावी खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी का लाभ मिल सकेगा।
औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के लिए विशेष पैकेज
कैबिनेट ने राज्य में भारी निवेश लाने वाली चुनिंदा औद्योगिक परियोजनाओं को विशेष पैकेज देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की। इसके तहत उन उद्योगों को चिह्नित किया गया है जो बड़े पैमाने पर स्थानीय लोगों को रोजगार देने की क्षमता रखते हैं।
सरकार इन उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार स्टाम्प ड्यूटी में छूट, बिजली बिल में रिबेट और अन्य सब्सिडी प्रदान करेगी ताकि यूपी एक बिजनेस फ्रेंडली स्टेट बना रहे।
राजस्व और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित अन्य प्रस्ताव
बैठक के अंत में राजस्व विभाग से जुड़े कुछ तकनीकी प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। इसमें जमीनों के रिकॉर्ड को और अधिक पारदर्शी बनाने और डिजिटल प्लेटफार्म पर भू-नक्शों के अपडेशन की प्रक्रिया को तेज करने जैसे विषय शामिल थे।
साथ ही, कुछ विभागों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए नियमावली में छोटे संशोधनों को भी सरकार ने स्वीकार किया है।
