तिरंगे में चांद आ गया तो न वर्मा बचेंगे न शर्मा': बांदा में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री का तीखा बयान!

बांदा में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री का तीखा बयान!
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अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बांग्लादेश में हाल ही में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा का भी जिक्र किया।

बांदा में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का तीखा बयान—जातिवाद छोड़ हिंदू एकता, जनसंख्या, तिरंगे और राष्ट्रवाद पर बड़ा संदेश।

बांदा में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की चुनौतियों पर कड़ा प्रहार किया।

उन्होंने राष्ट्रध्वज और जनसांख्यिकी बदलाव का जिक्र करते हुए सनातनियों को एकजुट होने की चेतावनी दी। शास्त्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जातियों में बंटने का खामियाजा पूरे हिंदू समाज को भुगतना पड़ सकता है।

तिरंगे और कट्टरपंथ के खतरे पर बयान

धीरेंद्र शास्त्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों की मंशा तिरंगे के स्वरूप को बदलने की है। उन्होंने आगाह किया कि जिस दिन तिरंगे के बीच में 'चांद' आ गया, उस दिन समाज का कोई भी वर्ग सुरक्षित नहीं रहेगा।

उन्होंने कहा कि तब न तो कोई वर्मा बचेगा और न ही कोई शर्मा; कट्टरपंथ की आंच सभी पर बराबर आएगी।

जातिवाद छोड़कर हिंदू पहचान बनाने पर जोर

शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में हमारी पहचान हमारी जाति से नहीं, बल्कि 'हिंदू' होने से होनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि मुसलमानों में 72 फिरके (पठान, खान, सिया, सुन्नी आदि) होने के बावजूद, जब उनके मजहब की बात आती है तो वे सिर्फ मुसलमान बनकर एकजुट हो जाते हैं।

इसके विपरीत, भारत के 9 राज्यों में हिंदुओं की घटती आबादी इस बात का प्रमाण है कि हम हिंदू तो हैं, मगर एक नहीं हो पाए।

जनसंख्या वृद्धि और चार बच्चों का फार्मूला

हिंदुओं के अस्तित्व को बचाने के लिए धीरेंद्र शास्त्री ने जनसंख्या बढ़ाने का एक नया सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जब दूसरों के 30-30 बच्चे हो सकते हैं, तो हिंदुओं के 4 बच्चे क्यों नहीं?

उन्होंने '4 बच्चों का फार्मूला' समझाते हुए कहा कि इनमें से 2 बच्चे घर परिवार के लिए, 1 बच्चा स्वयंसेवक संघ (RSS) के लिए और 1 बच्चा 'हिंदू राष्ट्र' के संकल्प के लिए समर्पित होना चाहिए।

कास्टवाद बनाम राष्ट्रवाद की लड़ाई

पंडित शास्त्री ने हिंदुओं के भीतर बढ़ते जातिवाद पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हिंदुओं को बांटने की गहरी साजिश रची जा रही है और कास्टवाद ने समाज को भीतर से खोखला कर दिया है।

उन्होंने आह्वान किया कि देश में अब कास्टवाद नहीं बल्कि केवल 'राष्ट्रवाद' चलना चाहिए, क्योंकि एकता ही सुरक्षा और सत्ता का एकमात्र मार्ग है।

बांग्लादेश की हिंसा और एकता की सीख

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बांग्लादेश में हाल ही में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज जातियों में बंटकर चुप बैठे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि संकट के समय हमलावर आपकी जाति नहीं पूछता।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हिंदू अभी एकजुट होकर नहीं खड़े हुए, तो आने वाला समय बहुत कठिन हो सकता है।

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