प्रयागराज में बड़ा हादसा टला: केपी कॉलेज के पास IAF ट्रेनिंग विमान क्रैश, दोनों पायलट सुरक्षित; माघ मेले से कुछ दूरी पर हुआ हादसा

वायुसेना मुख्यालय ने इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के आदेश जारी कर दिए हैं।
प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज के पॉश इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनी विमान तकनीकी खराबी के बाद केपी कॉलेज के पास बने एक तालाब में क्रैश होकर गिर गया। गनीमत यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पायलटों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को रिहायशी इलाके से दूर तालाब की ओर मोड़ा, जिससे एक भीषण जनहानि होने से बच गई। बताया जा रहा है कि यह हादसा माघ मेले से तकरीबन 3 किलोमीटर की दूरी पर हुआ है।
ANI: A trainee aircraft of IAF crashes into a pond in Prayagraj, UP. pic.twitter.com/tWgqr0bxmz
— War & Gore (@Goreunit) January 21, 2026
दोपहर के वक्त आसमान से गिरता दिखा 'गोला'
यह घटना दोपहर के समय हुई जब वायुसेना का यह छोटा विमान अपनी नियमित ट्रेनिंग उड़ान पर था। अचानक विमान के इंजन में कुछ गड़बड़ी महसूस हुई और वह तेजी से नीचे आने लगा।
स्थानीय लोगों ने देखा कि विमान काफी नीचे उड़ रहा था और कुछ ही सेकंड में वह केपी कॉलेज के पास स्थित तालाब के पानी में जा गिरा।
विमान गिरते ही तेज आवाज हुई और इलाके के लोग राहत-बचाव के लिए घटना की ओर दौड़ पड़े।
तालाब में गिरने से पायलटों को मिला 'जीवनदान'
विमान के तालाब में गिरने के कारण उसकी रफ्तार कम हो गई और पायलटों को बाहर निकलने का मौका मिल गया। हादसे के तुरंत बाद दोनों पायलट विमान से बाहर आ गए।
स्थानीय लोगों की मदद और कुछ ही देर में पहुँचे बचाव दल ने दोनों पायलटों को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। वायुसेना के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
पायलटों की सूझबूझ की चारों तरफ प्रशंसा
जिस जगह यह हादसा हुआ, वह प्रयागराज का काफी व्यस्त इलाका है। पास में ही केपी कॉलेज और कई रिहायशी मकान हैं। अगर विमान किसी इमारत या सड़क पर गिरता, तो बड़ी संख्या में लोग हताहत हो सकते थे।
पुलिस प्रशासन और वायुसेना के अधिकारियों का कहना है कि पायलटों ने अंतिम क्षणों तक विमान को नियंत्रित करने की कोशिश की और उसे खाली जगह में ले गए, जो उनकी बहादुरी को दर्शाता है।
वायुसेना ने दिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के आदेश
हादसे की सूचना मिलते ही वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुँच गई। विमान के मलबे को तालाब से बाहर निकालने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
वायुसेना मुख्यालय ने इस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के आदेश जारी कर दिए हैं। शुरुआती तौर पर इंजन फेल होना या कोई अन्य तकनीकी खराबी हादसे की वजह मानी जा रही है।
घटनास्थल पर उमड़ी भारी भीड़, पुलिस ने संभाला मोर्चा
क्रैश की खबर फैलते ही घटनास्थल पर हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे बचाव कार्य में कुछ समय के लिए बाधा आई। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी और लोगों को दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे से दूर रहने की हिदायत दी।
वायुसेना की स्पेशल टीम अब ब्लैक बॉक्स और अन्य महत्वपूर्ण उपकरणों की जांच कर रही है ताकि हादसे की सटीक वजह का खुलासा हो सके।
