ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट -2026: तकनीकी प्रगति को मिली नई दिशा, नवाचार पर जोर

इस सम्मेलन का एक बड़ा हिस्सा 'एआई एवं स्वास्थ्य नवाचार' को समर्पित रहा।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने सोमवार को तकनीक के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। शहर में देश के पहले 'ग्लोबल एआई इम्पैक्ट सम्मेलन-2026' का भव्य आयोजन किया गया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और इसके जरिए समाज में आने वाले सकारात्मक बदलावों पर चर्चा करना था। कार्यक्रम में तकनीक और शासन के बड़े चेहरे एक साथ नजर आए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश अब डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और सीएम योगी ने किया शुभारंभ
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एआई केवल एक तकनीक नहीं है, बल्कि यह आम जनता के जीवन को आसान बनाने का एक सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम में प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्यमंत्री अजीत पाल की उपस्थिति ने इस आयोजन की गंभीरता को और बढ़ा दिया। सभी नेताओं ने एक सुर में तकनीक को आम आदमी की सेवा से जोड़ने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य सेवाओं में एआई और नवाचार पर विशेष फोकस
इस सम्मेलन का एक बड़ा हिस्सा 'एआई एवं स्वास्थ्य नवाचार' को समर्पित रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से भविष्य में बीमारियों का सटीक और जल्दी पता लगाया जा सकेगा।
चिकित्सा सेवाओं में तकनीकी प्रगति को शामिल करने से दूर-दराज के गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकेंगी।
इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना चाहती है, जो न केवल आधुनिक हो बल्कि आम नागरिकों के लिए किफायती भी हो।
भविष्य की संभावनाओं और तकनीकी प्रगति को मिली नई दिशा
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश में अपनी तरह का पहला ऐसा सम्मेलन है जो विशेष रूप से एआई के सामाजिक प्रभावों पर केंद्रित है।
इसमें शामिल दिग्गजों ने माना कि एआई के माध्यम से शिक्षा, कृषि और प्रशासन में भी क्रांतिकारी बदलाव लाए जा सकते हैं। इस सम्मेलन ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक नई पहचान दी है और आने वाले समय में इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे।
