दिल्ली ब्लास्ट: यूपी के चार लोगों ने गंवाई जान ! अमरोहा श्रावस्ती और मेरठ में पसरा सन्नाटा

यूपी के चार लोगों ने गंवाई जान !  अमरोहा श्रावस्ती और मेरठ में पसरा सन्नाटा
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चारो मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक स्थानों पर भेजा जा रहा है।

दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार धमाके में उत्तर प्रदेश के चार लोगों, अमरोहा के दो दोस्त लोकेश अग्रवाल और अशोक कुमार, तथा श्रावस्ती के दिनेश मिश्रा, मेरठ के रहने वाले मोहसिन की मौत हो गई।

लखनऊ डेस्क : दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के पास सोमवार शाम को एक चलती i20 कार में हुए भीषण विस्फोट ने देश को दहला दिया है। इस भयानक घटना में अब तक कुल 9 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

मरने वालों में उत्तर प्रदेश के चार प्रवासी नागरिक शामिल हैं, अमरोहा के दो गहरे दोस्त लोकेश अग्रवाल और अशोक कुमार, और श्रावस्ती के दिनेश मिश्रा, मेरठ के मोहसिन हैं।

दिल्ली पुलिस ने इस घटना को आतंकी हमला मानते हुए UAPA की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और जांच NIA और NSG जैसी शीर्ष एजेंसियां कर रही हैं।

अमरोहा के दोस्तों की अंतिम मुलाकात

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के दो परिवारों पर इस धमाके से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हसनपुर रहरा अड्डा निवासी लोकेश अग्रवाल एक खाद विक्रेता थे। वे सोमवार को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती अपनी समधन को देखने के लिए जा रहे थे।

दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने अपने बचपन के दोस्त अशोक कुमार को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास बुलाया था। मंगरोला गांव के मूल निवासी अशोक दिल्ली में डीटीसी के संविदा परिचालक के रूप में कार्यरत थे और जगतपुर में अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रह रहे थे।

दोनों दोस्त जैसे ही मेट्रो स्टेशन के करीब पहुंचे, वहां खड़ी एक कार में जबरदस्त धमाका हो गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दोनों उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया। अमरोहा में दोनों दोस्तों की मौत की खबर सुनते ही उनके घरों में कोहराम मच गया।

श्रावस्ती के दिनेश मिश्रा- रोजी-रोटी की तलाश में गए मजदूर की दर्दनाक मौत

दिल्ली धमाके का शिकार होने वाला एक और यूपी निवासी श्रावस्ती जिले के हरिहरपुर रानी क्षेत्र का दिनेश मिश्रा है। दिनेश अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए दिल्ली में रहते थे और एक कार्ड प्रिंटिंग की दुकान में दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते थे। धमाके के बाद जब उनका फोन बंद आया, तो परिवार में हड़कंप मच गया।

देर रात परिजनों ने दिल्ली पहुंचकर अस्पतालों और पुलिस थानों के चक्कर लगाए और आखिरकार शवगृह में उनकी पहचान की पुष्टि की। उनकी इस तरह अचानक हुई मौत ने श्रावस्ती के उनके गांव में मातम फैला दिया है।

मेरठ के मोहसिन की भी मौत

इसी ब्लास्ट में लाल किले के पास मेरठ के रहने वाले मोहसिन की भी मौत हुई है, मोहसिन 3 साल से दिल्ली में लाल किले के आसपास ऑटो रिक्शा चला रहे थे, बच्चे परिवार सहित दिल्ली के डिलाइट पर अपने परिवार के साथ रहते था।

चारो मृतकों के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक स्थानों पर अंतिम संस्कार के लिए भेजा जा रहा है।




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