शंकराचार्य के शिविर में भारी हंगामा: 'योगी जिंदाबाद' के नारों के बीच घुसने की कोशिश, अविमुक्तेश्वरानंद ने रद्द की अपनी यात्रा

शंकराचार्य के खेमे ने इस घटना को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
प्रयागराज: प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर में रविवार को उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब कुछ लोगों ने जबरन शिविर के भीतर घुसने का प्रयास किया।
इस दौरान वहां मौजूद शिष्यों और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। हंगामा कर रहे लोगों ने 'योगी जिंदाबाद' के नारे लगाए, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया।
इस अप्रिय घटना से आहत होकर शंकराचार्य ने अपनी प्रस्तावित 'गो-प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा' को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का बड़ा ऐलान किया है।
संतों के बीच टकराव और नारेबाजी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब नारेबाजी कर रहे कुछ लोग शंकराचार्य के मुख्य पंडाल की ओर बढ़ने लगे। शंकराचार्य के समर्थकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी बहस और हाथापाई की नौबत आ गई।
प्रदर्शनकारियों का तेवर काफी आक्रामक था और वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में नारे लगा रहे थे। इस हंगामे के चलते शिविर में मौजूद श्रद्धालुओं और संतों में अफरा-तफरी मच गई।
सुरक्षा चूक पर भड़के शंकराचार्य के शिष्य
शंकराचार्य के खेमे ने इस घटना को एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उनके शिष्यों का आरोप है कि मेला प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बाहरी लोग इतनी सुरक्षा के भीतर कैसे घुस आए?
शिष्यों ने दावा किया कि यह हमला केवल शंकराचार्य को डराने और उनके धार्मिक कार्यक्रमों में बाधा डालने के उद्देश्य से किया गया है। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से शंकराचार्य के शिविर में सुरक्षा को लेकर पहले ही चिंता जताई जा रही थी।
'गो-प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा' पर लगा विराम
इस पूरे घटनाक्रम से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद काफी व्यथित नजर आए। उन्होंने कहा कि जहां संतों के सम्मान की रक्षा नहीं हो पा रही, वहां धर्म यात्रा का क्या औचित्य? उन्होंने घोषणा की कि वह अपनी 'गो-प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा' को कैंसिल कर रहे हैं।
यह यात्रा गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने और गो-वंश की रक्षा के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली जानी थी, लेकिन अब शिविर में हुए हंगामे ने इस पर ब्रेक लगा दिया है।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
हंगामे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। मेला प्रशासन का कहना है कि वे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं ताकि दोषियों की पहचान की जा सके।
हालांकि, शंकराचार्य के समर्थकों का कहना है कि प्रशासन केवल औपचारिकता पूरी कर रहा है और उनकी सुरक्षा को लेकर अब भी ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा
शंकराचार्य के शिविर में 'योगी जिंदाबाद' के नारे लगने और यात्रा रद्द होने की खबर ने उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक जगत में हलचल तेज कर दी है।
कई हिंदू संगठनों ने इस घटना की निंदा की है, वहीं कुछ का मानना है कि यह विचारधाराओं के टकराव का नतीजा है। फिलहाल, शंकराचार्य के शिविर की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है, लेकिन यात्रा रद्द होने से उनके समर्थकों में भारी मायूसी देखी जा रही है।
