लखनऊ: संयुक्त प्रयासों से यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा कायाकल्प- सीएम योगी

संयुक्त प्रयासों से यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं का होगा कायाकल्प- सीएम योगी
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सीएम योगी ने यूपी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए 'संयुक्त प्रयासों' और 'आधुनिक तकनीक' को महत्वपूर्ण बताया।

सीएम ने पीएचसी और सीएचसी को पीजीआई व केजीएमयू जैसे बड़े संस्थानों से जोड़ने पर जोर दिया ताकि ग्रामीण इलाकों में भी विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हो सकें।

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की वकालत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्क्रीनिंग की सुविधाओं को इतना सशक्त बनाया जाएगा कि गंभीर से गंभीर बीमारियों की पहचान शुरुआती लक्षणों के आधार पर ही संभव हो सके।

सीएम ने कहा कि तकनीक न केवल जांच की प्रक्रिया को तेज करती है, बल्कि इसके जरिए प्रदेश के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी उच्च स्तरीय विशेषज्ञ परामर्श मिल सकेगा।

सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से जुड़कर समय पर सटीक उपचार प्राप्त करे।

​सामूहिक भागीदारी और संयुक्त प्रयास से सुधरेगा स्वास्थ्य ढांचा

सीएम योगी ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सामूहिक प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का व्यापक विस्तार अकेले सरकारी तंत्र से संभव नहीं है।

इसके लिए उन्होंने 'पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप' (PPP) मॉडल और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग को अनिवार्य बताया। उन्होंने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश 'एक जिला-एक मेडिकल कॉलेज' के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

सरकार का संकल्प है कि आम जनता को इलाज के लिए महानगरों की ओर न भागना पड़े, बल्कि उनके अपने जनपद में ही विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हों। यह संयुक्त प्रयास प्रदेश के स्वास्थ्य बजट और बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगा।

​प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पीजीआई और केजीएमयू से जोड़ने की बड़ी योजना

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव का रोडमैप साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने टेली-मेडिसिन के महत्व को रेखांकित किया।

उन्होंने घोषणा की कि राज्य के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को तकनीक के माध्यम से बड़े संस्थानों जैसे PGI और KGMU से सीधे जोड़ा जा रहा है।

इससे गांव में बैठा मरीज भी लखनऊ के विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकेगा। सीएम ने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में आत्मनिर्भर होगा, बल्कि तकनीक और सेवा के संगम से देश में चिकित्सा के मॉडल के रूप में उभरेगा।

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