CM Yogi Press Confrence: 'जी राम जी' योजना - यूपी को मिलेंगे 17 हजार करोड़ अतिरिक्त, 125 दिन रोजगार की गारंटी

सीएम योगी ने कहा कि यूपी सरकार 'जी राम जी' कानून को पूर्ण पारदर्शिता और गंभीरता के साथ लागू करेगी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला।
सीएम योगी ने संसद के शीतकालीन सत्र में पारित हुए 'VB-जी राम जी एक्ट, 2025' (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) का पुरजोर समर्थन करते हुए इसे ग्रामीण भारत के विकास में मील का पत्थर बताया।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने दशकों तक देश के संसाधनों को लूटा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, वे ही आज इस पारदर्शी कानून का विरोध कर रहे हैं।
विकसित भारत के लिए ग्रामीण सशक्तिकरण अनिवार्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाया गया 'जी राम जी' कानून विकसित भारत के विजन को साकार करेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत तभी विकसित होगा जब राज्य विकसित होंगे और राज्य तभी प्रगति करेंगे जब हमारी बुनियादी इकाई यानी 'गांव' आत्मनिर्भर बनेंगे।
यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, किसानों को स्वावलंबी बनाने और मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के साथ सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कांग्रेस के 'भ्रष्टाचार मॉडल' पर सीएम का प्रहार
सीएम योगी ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन को निशाने पर लेते हुए कहा कि विपक्षी दल इस कानून का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इससे उनके भ्रष्टाचार के रास्ते बंद हो गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में फर्जी जॉब कार्ड बनाए जाते थे और कागजों पर ही हाजिरी लगाकर सरकारी धन की लूट होती थी। विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पहले लोग गड्ढा खोदते थे और फिर उसे पाट देते थे, लेकिन अब विकास के नाम पर संसाधनों की डकैती संभव नहीं होगी।
मनरेगा बनाम जी राम जी: क्या बदला और क्यों है बेहतर
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुरानी व्यवस्था (मनरेगा) में पारदर्शिता की कमी थी। पहले जहाँ केवल 100 दिन का रोजगार मिलता था, अब उसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। 'जी राम जी' एक्ट के तहत अब 60% खर्च केंद्र और 40% खर्च राज्य वहन करेंगे।
साथ ही, अब कार्यों का चयन ग्राम प्रधान या सरपंच के बजाय केंद्र सरकार द्वारा तय किया जाएगा ताकि पूरे देश में विकास का एक समान मानक बना रहे। योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाकर इसे 'विकसित भारत' के व्यापक मिशन से जोड़ना भी एक बड़ा बदलाव है।
श्रमिकों और किसानों के लिए वरदान साबित होगा नया कानून
नये कानून की उपयोगिता गिनाते हुए सीएम योगी ने कहा कि अब बोवाई और कटाई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को मजदूर उपलब्ध हो सकेंगे। इसके अलावा, बाकी बचे दिनों में मजदूरों को 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा।
यदि किसी स्थिति में काम नहीं मिलता है, तो बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है। आधार और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के अनिवार्य होने से मजदूरी की चोरी पूरी तरह खत्म हो जाएगी और पैसा सीधे पात्र व्यक्ति तक पहुचेगा।
उत्तर प्रदेश में पारदर्शिता के साथ लागू होगी योजना
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश सरकार 'जी राम जी' कानून को पूर्ण पारदर्शिता और गंभीरता के साथ लागू करेगी। उन्होंने कहा कि यूपी में अब जो भी रोजगार सृजित होगा, वह 'स्थायी संपत्ति' के निर्माण के लिए होगा।
इससे न केवल लोगों को काम मिलेगा, बल्कि गांवो में टिकाऊ बुनियादी ढांचा भी तैयार होगा। यूपी को मनरेगा की तुलना में इस नई योजना से लगभग 17 हजार करोड़ रुपये अधिक की धनराशि प्राप्त होगी, जिसका सीधा लाभ लेबर क्लास को मिलेगा।
पलायन और बेरोजगारी पर लगेगी लगाम
सीएम योगी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की गलत नीतियों के कारण युवाओं को पलायन और बेरोजगारी का दर्द झेलना पड़ा। नए कानून के तहत उन राज्यों को अधिक राशि मिलेगी जहा श्रमिक वर्ग ज्यादा है।
इससे श्रमिकों को अपने ही गाँव के आसपास बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे दुष्प्रचार करने के बजाय अपनी विफलताओं को याद करें। 'जी राम जी' कानून देश के विकास में ऐतिहासिक सुधार साबित होने वाला है।
