सहारनपुर में मौत का तांडव: संग्रह अमीन और परिवार के 5 सदस्यों के शव मिले, हत्या या आत्महत्या की गुत्थी में उलझी पुलिस

पुलिस को घटनास्थल से एक अवैध तमंचा और कारतूस के कुछ खोखे बरामद हुए हैं।
सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा क्षेत्र में एक ऐसा खौफनाक मंजर सामने आया है जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। कौशिक विहार कॉलोनी के एक घर में नकुड़ तहसील में तैनात संग्रह अमीन अशोक और उनके परिवार के चार अन्य सदस्यों के गोली लगे शव बरामद हुए हैं।
एक ही घर के भीतर पांच लाशें मिलने की खबर बिजली की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
फिलहाल पुलिस इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि क्या यह सामूहिक आत्महत्या का मामला है या फिर किसी ने इस पूरे परिवार को बेरहमी से मौत के घाट उतारा है।
बंद कमरे में बिखरा था खून, मची चीख-पुकार
घटना का खुलासा तब हुआ जब अशोक की बहन उनके घर पहुँची और काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से अंदर झांकने पर जो नजारा दिखा वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने वाला था।
घर के भीतर अशोक, उनकी पत्नी अंजिता, वृद्ध माता विद्यावती और दो बेटों कार्तिक व देव के शव लहूलुहान हालत में पड़े थे। बहन की चीख सुनकर पड़ोसी जमा हो गए और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुचकर जब दरवाजा तोड़ा तो अंदर का दृश्य किसी बड़ी त्रासदी की गवाही दे रहा था।
माथे पर गोली के निशान और रहस्यमयी मौत
मरने वालों में अशोक की उम्र 40 वर्ष, उनकी पत्नी 35 वर्ष, माता 70 वर्ष और दो बेटे जिनकी उम्र क्रमशः 16 और 13 वर्ष थी, शामिल हैं। शुरुआती जांच में यह पाया गया है कि पत्नी, मां और दोनों बच्चों के माथे पर बिल्कुल सटीक निशाना साधकर गोली मारी गई है, जबकि अशोक का शव थोड़ी दूरी पर पड़ा मिला।
शवों की स्थिति को देखकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या एक व्यक्ति अकेले इतने सदस्यों को बिना किसी संघर्ष के गोली मार सकता है, या फिर इस घटना के पीछे किसी पेशेवर हत्यारे का हाथ है।
मौके से मिला अवैध असलहा, जांच में जुटी फॉरेंसिक टीम
पुलिस को घटनास्थल से एक अवैध तमंचा और कारतूस के कुछ खोखे बरामद हुए हैं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वायड की टीम ने पूरे घर की बारीकी से तलाशी ली है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात के समय घर में कोई बाहरी व्यक्ति दाखिल हुआ था या नहीं।
घर के दरवाजों और खिड़कियों की स्थिति की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या घर से कोई कीमती सामान गायब है, ताकि लूट के इरादे से की गई हत्या के कोण को भी परखा जा सके।
गहराता संशय: क्या वाकई यह सामूहिक आत्महत्या है?
एसएसपी और अन्य आला अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। हालांकि शुरुआती तौर पर इसे 'मर्डर-सुसाइड' के एंगल से देखा जा रहा है, लेकिन मृतक अशोक के पास अवैध हथियार का होना और पूरे परिवार का एक साथ खत्म हो जाना कई संदेह पैदा करता है।
पुलिस अब अमीन के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और उनके हालिया व्यवहार के बारे में करीबियों से पूछताछ कर रही है। क्या अमीन किसी दबाव में थे या उनकी किसी से कोई पुरानी रंजिश थी, इन सभी बिंदुओं पर तफ्तीश जारी है।
तहसील और कॉलोनी में पसरा सन्नाटा
इस दर्दनाक घटना के बाद सरसावा और नकुड़ तहसील में शोक की लहर दौड़ गई है। अशोक के सहकर्मियों का कहना है कि वे एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे, इसलिए उनके द्वारा ऐसा कदम उठाने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है और लोग सहमे हुए हैं। हर किसी की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस के अगले खुलासे पर टिकी है कि आखिर उस रात उस घर के भीतर हुआ क्या था।
