लखनऊ में लोकतंत्र का महाकुंभ: देशभर की विधानसभाओं के अध्यक्षों का जमावड़ा, शहर में आज से लागू हुआ रूट डायवर्जन

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विधायी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना है।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आज से देश की लोकतांत्रिक चर्चाओं का केंद्र बनने जा रही है। विधानसभा अध्यक्षों के इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए देश भर के राज्यों से पीठासीन अधिकारी पहुँच रहे हैं।
आयोजन की भव्यता और सुरक्षा को देखते हुए पूरे शहर में कड़े प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन ने इस बड़े कार्यक्रम के दौरान आम जनता को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए यातायात के नियमों में व्यापक बदलाव किए हैं।
86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन का आगाज
लखनऊ के विधान भवन में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विधायी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाना है। इस कार्यक्रम में देश भर की सभी विधानसभाओं और विधान परिषदों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा अतिथियों का भव्य स्वागत किया जाएगा।
इस दौरान संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने और सदन की गरिमा बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन होगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और विधानसभा क्षेत्र में प्रतिबंध
सम्मेलन को देखते हुए लखनऊ के विधान भवन और उसके आसपास के क्षेत्रों को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
विधान भवन मार्ग पर केवल अधिकृत वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है। बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने के लिए राजभवन और अन्य वीवीआईपी गेस्ट हाउसों में विशेष व्यवस्था की गई है।
राजधानी का बदला हुआ ट्रैफिक: इन रास्तों पर जाने से बचें
आज से लखनऊ के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है। हजरतगंज, विधान सभा मार्ग, और लालबाग की ओर जाने वाले कई रास्तों को आम वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है।
विशेषकर बंदरियाबाग चौराहा, राजभवन की ओर जाने वाले रास्ते और परिवर्तन चौक के आसपास के मार्गों पर भारी वाहनों और बसों का प्रवेश वर्जित रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करें ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके।
अतिथियों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और शाही स्वागत
इस दो दिवसीय सम्मेलन में केवल चर्चा ही नहीं, बल्कि यूपी की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलेगी। मेहमानों के लिए विशेष भोज और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया है।
प्रशासन की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश की मेहमाननवाजी और बदलती भव्यता की एक सकारात्मक छवि देश भर से आए प्रतिनिधियों के सामने पेश की जाए।
स्थानीय प्रशासन और नगर निगम ने शहर के सौंदर्यीकरण और सफाई व्यवस्था के लिए भी विशेष अभियान चलाया है।
