माघ मेला 2026: त्रिवेणी संगम पर उमड़ा आस्था का सैलाब, दोपहर तक 54 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

ताजा आंकड़ों के अनुसार, आज दोपहर 12 बजे तक करीब 54 लाख से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं।
प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज की पावन रेती पर आज मकर संक्रांति के अवसर पर माघ मेले का दूसरा और अत्यंत महत्वपूर्ण 'पुण्य स्नान' पर्व मनाया जा रहा है। कड़ाके की ठंड और सुबह के घने कोहरे को मात देते हुए देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालु संगम की त्रिवेणी धारा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, आज दोपहर 12 बजे तक करीब 54 लाख से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं। प्रशासन का अनुमान है कि मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त पूरे दिन होने के कारण शाम तक यह संख्या 2 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है।
माघ मेला के पुनीत वातावरण में मकर संक्रांति के अवसर पर त्रिवेणी संगम पर उमड़ी श्रद्धा की धारा हमारी परंपरा और आस्था की जीवंत अभिव्यक्ति है।
— Government of UP (@UPGovt) January 15, 2026
संगम तट पर आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का यह संगम भारत की सांस्कृतिक विरासत की गरिमा को परिलक्षित कर रहा है।#माघ_मेला_2026 pic.twitter.com/Sunn6IHIWU
दिव्य-भव्य माघ मेला
— Magh Mela 2026 (@SwachhKumbh) January 14, 2026
आस्था, परंपरा और सेवा का संगम
एकादशी के पावन अवसर पर माघ मेले में किन्नर अखाड़े के संतों ने पवित्र स्नान कर आध्यात्मिक आस्था और सनातन परंपरा का सजीव संदेश दिया।#Inspection #sangam #maghmela2026 #KinnarAkhada @InfoDeptUP @PibLucknow @CBCLucknow… pic.twitter.com/GV9DTCwXIs
भोर से ही 'हर-हर गंगे' के जयकारों से गूंजे घाट
संगम तट पर स्नान का सिलसिला बुधवार रात से ही शुरू हो गया था, लेकिन मुख्य स्नान आज ब्रह्ममुहूर्त में हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष के साथ परवान चढ़ा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मेला प्रशासन ने संगम नोज के साथ-साथ अरैल, झूंसी और परेड क्षेत्र में कुल 24 घाटों का निर्माण किया है।
कोहरे के कारण सुबह दृश्यता कम थी, लेकिन जल पुलिस और गोताखोरों की टीमें लगातार गश्त कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती रहीं। स्नान के बाद श्रद्धालु परंपरा के अनुसार तिल, गुड़ और खिचड़ी का दान कर रहे हैं।
हाईटेक सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट
इतनी विशाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मेला प्रशासन ने इस बार 'हाईटेक रिस्पांस प्लान' लागू किया है।
पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 400 से अधिक एआई युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो भीड़ के घनत्व का सटीक आकलन कर रहे हैं।
पुलिस महानिदेशक और मंडलायुक्त खुद कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं। संवेदनशील चौराहों और एंट्री पॉइंट्स पर क्विक रिस्पांस टीमें तैनात की गई हैं ताकि कहीं भी जाम की स्थिति पैदा न हो। सुरक्षा व्यवस्था में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां लगी हुई हैं।
माघ मेला 2026: मकर संक्रांति स्नान की तस्वीरें





युवाओं और कल्पवासियों का अनूठा संगम
इस बार के माघ मेले में एक बड़ा सांस्कृतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। संगम की रेती पर केवल साधु-संत ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में उच्च शिक्षित युवा और आईटी पेशेवर भी कल्पवास कर रहे हैं।
शिविरों में 10 साल के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की तपस्या चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार गोल्फ कार्ट, ई-रिक्शा और बाइक टैक्सी जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई हैं ताकि घाटों तक पहुंचने में बुजुर्गों को परेशानी न हो।
यातायात और पार्किंग के कड़े प्रबंध
शहर में भीड़ के दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने 42 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए हैं जिनकी क्षमता 1 लाख से अधिक वाहनों की है।
शहर के भीतर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है और श्रद्धालुओं को उनके रूट के आधार पर निर्धारित पार्किंग में ही रोका जा रहा है। संगम जाने वाले मुख्य मार्गों पर पैदल यात्रियों के लिए विशेष गलियारे बनाए गए हैं।
रेल विभाग और रोडवेज ने भी इस विशेष स्नान पर्व के लिए अतिरिक्त ट्रेनों और बसों का संचालन शुरू किया है ताकि शाम को घर लौटने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
