योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: शिक्षकों को मिला कैशलेस इलाज का वरदान, 30 प्रस्तावों को मंजूरी और विस्थापित परिवारों का पुनर्वास

योगी कैबिनेट ने दशकों से पुनर्वास की राह देख रहे विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के हक में भी बड़ा फैसला लिया है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज अपनी कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और लोक कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की झड़ी लगा दी है।
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस बैठक में कुल 32 प्रस्ताव चर्चा के लिए आए, जिनमें से 30 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। सरकार ने इस बैठक के जरिए न केवल शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया, बल्कि समाज के वंचित और विस्थापित वर्गों के लिए भी राहत के द्वार खोल दिए हैं।
इसे प्रदेश की स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय नीति का एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
शिक्षकों और शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा की सौगात
इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी फैसला शिक्षा विभाग से जुड़ा है। सरकार ने प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लाखों शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना' के दायरे में लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इस निर्णय के बाद अब शिक्षकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होगी; वे सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे।
विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के लिए न्याय और पुनर्वास
योगी कैबिनेट ने दशकों से पुनर्वास की राह देख रहे विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के हक में भी बड़ा फैसला लिया है। पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात और अन्य क्षेत्रों में बसे परिवारों को अब जमीन के मालिकाना हक (पट्टे) दिए जाएंगे।
साथ ही, इन परिवारों के रहने के लिए मकान निर्माण और उनकी बस्तियों में बुनियादी ढांचा जैसे बिजली, सड़क और पानी की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विशेष वित्तीय सहायता को मंजूरी दी गई है।
औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश को 'वन ट्रिलियन इकोनॉमी' बनाने की दिशा में औद्योगिक विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई है। इसके तहत बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे नए औद्योगिक गलियारे विकसित करने और पूर्वांचल में निवेश को बढ़ावा देने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है।
साथ ही, राज्य की नई पर्यटन नीति के तहत धार्मिक स्थलों पर निजी निवेश के जरिए विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।
नगर विकास और नई नगर पंचायतों का गठन
राज्य में तेजी से होते शहरीकरण को देखते हुए कैबिनेट ने कई जिलों में नगर निकायों की सीमाओं के विस्तार के प्रस्ताव को पास किया है। इसके अतिरिक्त, कई बड़े गांवों को नगर पंचायत का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे वहां शहरी सुविधाएं और विकास के लिए अलग से बजट मिल सकेगा। प्रशासन ने इसे स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने वाला कदम बताया है।
कृषि, सिंचाई और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव
किसानों की आय बढ़ाने और सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कैबिनेट ने नए नलकूपों की स्थापना और पुरानी नहर प्रणालियों के आधुनिकीकरण के बजट को पास किया है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में, प्रदेश में नए निजी विश्वविद्यालयों के संचालन के लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' जारी करने की मंजूरी दी गई है, ताकि राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल सके।
