राजस्थान में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आज भी प्रदेश के 7 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।

जयपुर। राजस्थान में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आज भी प्रदेश के 7 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सिस्टम का असर अप्रैल के पहले सप्ताह तक बना रह सकता है।

सोमवार (30 मार्च) को इस सिस्टम का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिला। कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

कोटा में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई। कोटा में सबसे ज्यादा 20 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई, अलवर के कोटकासिम में 5 मिमी और टपूकड़ा में 3 मिमी बारिश हुई

ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों में देर रात ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार नागौर के धनारी कलां, डेगाना और सांजू इलाके में ओले गिरे। वहीं, मकराना और गच्छीपुरा क्षेत्रों में भी ओलावृष्टि से फसल खराब हुई।

तापमान में आई गिरावट
मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ा है। कई शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 2 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
सीकर, चूरू, जयपुर, झुंझुनूं, अलवर और कोटा समेत कई शहरों में गर्मी से राहत मिली। सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान कोटा और चित्तौड़गढ़ में 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अप्रैल की शुरुआत भी बारिश से
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, अप्रैल के पहले सप्ताह में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि, अगले 2-3 दिनों में इस सिस्टम का असर धीरे-धीरे कम होने लगेगा, जिसके बाद तापमान फिर से बढ़ने की संभावना है।