RIP Ajit Pawar: प्लेन क्रैश से पहले के वो आखिरी पल, पायलट ने मेडे कॉल की जगह क्या बोला? जानिए

रिपोर्ट्स के मुताबिक, को-पायलट कैप्टन सांभवी पाठक के अंतिम शब्द कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में दर्ज हुए हैं।
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में मौत ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। बारामती में हुए इस प्लेन क्रैश से जुड़ी नई जानकारी सामने आ रही है, जिसने हादसे के आखिरी पलों को और भी भयावह बना दिया है। बताया जा रहा है कि दुर्घटना से ठीक पहले पायलट ने कोई मेडे कॉल नहीं दी। हालांकि, कॉकपिट में महिला कैप्टन के कुछ शब्द रिकॉर्ड हुए हैं। जानिए उन्होंने आखिरी पल पर क्या कहा था।
विमान में कौन-कौन थे सवार?
इस चार्टर्ड विमान में अजित पवार के साथ उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर HC विदिप जाधव मौजूद थे। विमान की कमान मेन पायलट कैप्टन सुमित कपूर संभाल रहे थे, जबकि को-पायलट के तौर पर कैप्टन सांभवी पाठक थीं। फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी इस हादसे में जान गंवा बैठीं। इस दुर्घटना में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई।
पायलट ने आखिरी पल क्या कहा था?
सूत्रों के मुताबिक, क्रैश से पहले मेन पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को कोई आपातकालीन मेडे कॉल नहीं दी। हालांकि, को-पायलट कैप्टन सांभवी पाठक के अंतिम शब्द कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग में दर्ज हुए-'ओह शिट… ओह शिट'। यह जानकारी बारामती स्थित एक फ्लाइंग स्कूल से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई है।
पहली लैंडिंग कोशिश क्यों रही नाकाम?
सुबह के वक्त बारामती एयरपोर्ट पर घना कोहरा था, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम थी। पायलटों ने रनवे-11 पर पहली बार लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन रनवे साफ नजर नहीं आने के कारण विमान को दोबारा ऊपर ले जाना पड़ा।
दूसरी बार लैंडिंग में हुई गंभीर चूक
दूसरी कोशिश के दौरान पायलट ने ATC को बताया कि अब रनवे दिख रहा है, जिसके बाद लैंडिंग की अनुमति दी गई। लेकिन अहम बात यह रही कि पायलट ने लैंडिंग क्लीयरेंस को दोहराकर कन्फर्म नहीं किया, जो एविएशन प्रोटोकॉल में बेहद जरूरी माना जाता है।
रनवे से पहले ही क्रैश हुआ विमान
करीब सुबह 8:43 बजे विमान का संपर्क रडार से टूट गया। लोकेशन और स्पीड से जुड़े सिग्नल बंद हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान रनवे से लगभग 100 मीटर पहले ही असंतुलित होकर पलट गया और जमीन से टकरा गया।
गिरते ही विमान में हुए कई धमाके
जमीन से टकराते ही विमान में तेज धमाका हुआ और आग की भीषण लपटें उठने लगीं। चश्मदीदों का कहना है कि एक के बाद एक 4–5 धमाके हुए। आग इतनी भयानक थी कि आसपास मौजूद लोग मदद की हिम्मत नहीं जुटा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया?
एयरपोर्ट के पास रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि विमान नीचे आते समय ही असंतुलित लग रहा था। कई लोगों को पहले ही अंदेशा हो गया था कि कोई बड़ा हादसा होने वाला है। धमाके के बाद विमान के टुकड़े उड़कर पास के घरों तक जा गिरे।
अजित पवार की आखिरी बातचीत
अजित पवार के भतीजे और भाजपा विधायक रणजगजीत सिंह पाटिल ने बताया कि उड़ान से पहले उनकी अजित पवार से फोन पर बात हुई थी। पवार ने कहा था कि लैंडिंग के बाद वे दोबारा बात करेंगे, लेकिन वह कॉल कभी नहीं आ सकी।
जांच शुरू, AAIB की टीमें सक्रिय
हादसे के बाद एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जांच शुरू कर दी है। एक टीम बारामती में क्रैश साइट पर पहुंच चुकी है, जबकि दूसरी टीम दिल्ली में विमान ऑपरेटर कंपनी के दफ्तर में दस्तावेज खंगाल रही है।
