अजित पवार के विमान हादसे में रोहित पवार ने गंभीर तकनीकी खामियों का खुलासा किया है। उनका आरोप है कि विमान में सुरक्षा नियमों के विरुद्ध पेट्रोल के कैन रखे गए थे, जिसके कारण आग लगी और विस्फोट हुए।

मुंबई : महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की एक विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद अब एनसीपी (एसपी) के नेता रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में 'VSR वेंचर्स' नामक कंपनी और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की भूमिका संदेहास्पद है, जिसे देखते हुए उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से इस्तीफे की मांग की है।

​विमान हादसे का खौफनाक मंजर

​अजित पवार मुंबई से बारामती के लिए 'लियरजेट 45' विमान (रजिस्ट्रेशन VT-SSK) से रवाना हुए थे, जिसका संचालन दिल्ली स्थित कंपनी VSR वेंचर्स कर रही थी। लैंडिंग के दौरान विमान अचानक क्रैश हो गया, जिसमें अजित पवार के साथ-साथ चार अन्य लोगों की भी मौके पर ही मौत हो गई।

इन मृतकों में मुख्य पायलट सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, केबिन क्रू पिंकी माली और अजित पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव शामिल थे। हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि विमान के परखच्चे उड़ गए और बचाव कार्य शुरू होने से पहले ही सभी सवारों ने दम तोड़ दिया था।

​रोहित पवार के सनसनीखेज आरोप और अवैध ईंधन का मुद्दा

​रोहित पवार ने इस हादसे को लेकर तकनीकी लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि विमान में यात्रियों के सामान वाले हिस्से में अवैध रूप से अतिरिक्त पेट्रोल के कैन रखे गए थे, जिसकी वजह से लैंडिंग के समय लगी मामूली आग ने भयानक रूप ले लिया और कई विस्फोट हुए। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्घटना के समय एक नहीं बल्कि कई धमाके सुने गए थे, जिससे ब्लैक बॉक्स के साथ छेड़छाड़ या उसकी विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। रोहित पवार के अनुसार, विमान में मैकेनिकल और मेंटेनेंस से जुड़ी भारी कमियां थीं, जिन्हें नजरअंदाज कर विमान को उड़ने की अनुमति दी गई थी।

​VSR कंपनी को संरक्षण और DGCA की संदिग्ध भूमिका

​जांच की मांग करते हुए रोहित पवार ने आरोप लगाया कि जिस VSR वेंचर्स कंपनी का यह विमान था, उसे सत्ता के गलियारों में बैठे बेहद प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि DGCA के कुछ आला अधिकारी कंपनी की कमियों को छिपाने और उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जो एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है।

रोहित पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से अपील की है कि वे इस मामले में खुद हस्तक्षेप करें और इसकी एक स्वतंत्र और गहन जांच सुनिश्चित करें ताकि अजित पवार की मौत का सच सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।

Rohit Pawar write a letter to PM Modi

​उड्डयन मंत्री का इस्तीफा और राहुल गांधी से अपील

​इस पूरे घटनाक्रम के बाद रोहित पवार ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के इस्तीफे की मांग को दोहराया है, क्योंकि उनके अनुसार सुरक्षा मानकों में इतनी बड़ी चूक मंत्रालय की विफलता को दर्शाती है।

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी अनुरोध किया है कि वे इस संवेदनशील मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएं ताकि जांच निष्पक्ष बनी रहे और किसी भी दबाव में तथ्यों को दबाया न जा सके। महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय यह मुद्दा सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है और विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।