Mumbai Weather Update: साफ आसमान के बीच जहरीली हवा, AQI 'अनहेल्दी' स्तर पर पहुंचा

Mumbai Weather Update, 18 January
Mumbai Weather Update: मुंबई में शनिवार सुबह (18 जनवरी) तेज धूप और सर्दियों की हल्की ठंड ने लोगों को राहत का अहसास कराया। लेकिन इस राहत भरे नजारे के पीछे शहर की हवा एक बार फिर चिंता का कारण बन गई है। रियल टाइम एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग डेटा के मुताबिक, मुंबई का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 'अनहेल्दी' श्रेणी में दर्ज किया गया, जो आम लोगों की सेहत के लिए खतरे की घंटी है। यानी मौसम भले ही अच्छा दिखे, लेकिन हवा अब भी सुरक्षित नहीं है।
मुंबई का AQI कितना रहा?
सुबह करीब 9:40 बजे मुंबई का AQI 167 दर्ज किया गया, जो अमेरिकी AQI स्केल के अनुसार ‘Unhealthy’ श्रेणी में आता है। प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह महीन कण यानी पार्टिकुलेट मैटर रहे। PM2.5 का स्तर करीब 79 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM10 लगभग 97 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक है।
PM2.5 बना सबसे बड़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार PM2.5 सबसे खतरनाक प्रदूषक है क्योंकि इसके बेहद सूक्ष्म कण फेफड़ों के अंदर गहराई तक पहुंच सकते हैं और रक्त प्रवाह में भी शामिल हो जाते हैं। मुंबई में PM2.5 का प्रमुख स्रोत वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक गतिविधियां और वायुमंडल में बनने वाले सेकेंडरी प्रदूषक हैं।
गैसें नियंत्रण में, फिर भी हवा खराब
हालांकि सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसी गैसें स्वीकार्य सीमा में पाई गईं, लेकिन पार्टिकुलेट मैटर का स्तर अधिक होने के कारण कुल वायु गुणवत्ता खराब बनी रही। इसके साथ ही कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर भी ऊंचा दर्ज किया गया, जो शहर में ट्रैफिक जाम और वाहनों की संख्या को दर्शाता है।
मौसम रहा सुहावना, लेकिन राहत नहीं
मौसम ने प्रदूषण को फैलने में ज्यादा मदद नहीं की। सुबह तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहा, हवा की रफ्तार केवल 5 से 9 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई और नमी का स्तर 70 प्रतिशत से अधिक रहा। हल्की धुंध और धीमी हवाओं के कारण प्रदूषक कण जमीन के पास ही फंसे रहे।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में बारिश की संभावना नहीं है और तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे हवा का ऊर्ध्वाधर प्रवाह और कमजोर पड़ेगा और प्रदूषण बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य पर क्या पड़ सकता है असर?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक खराब हवा में रहने से सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और हृदय व श्वसन संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं। बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा या दिल के मरीज सबसे ज्यादा जोखिम में हैं।
लोगों के लिए एडवाइजरी
मुंबईवासियों को सलाह दी गई है कि वे लंबे समय तक बाहर रहने से बचें, खासकर सुबह और देर शाम के समय। अधिक ट्रैफिक वाले इलाकों में मास्क पहनने की भी सलाह दी गई है। डॉक्टर पर्याप्त पानी पीने, घरों में सही वेंटिलेशन रखने और जरूरत पड़ने पर एयर प्यूरीफायर के इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं।
महानगरों के लिए चुनौती बना प्रदूषण
इस सर्दी मुंबई की हवा में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जो एक घनी आबादी वाले तटीय महानगर में प्रदूषण नियंत्रण की चुनौती को उजागर करता है। भले ही आसमान साफ दिखे, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि रोजमर्रा के फैसलों में AQI डेटा को प्राथमिकता देना जरूरी है, जब तक प्रदूषण की जड़ पर दीर्घकालिक समाधान नहीं निकलता।
