UGC Rules 2026: सवर्ण समाज का उग्र प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे हजारों लोग; आंदोलन की चेतावनी

UGC Rules 2026
केंद्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों में लागू किए जा रहे UGC Rules 2026 के विरोध में बुधवार को भगवान महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। नए नियमों को लेकर नाराज सवर्ण समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और टावर चौक से शहीद पार्क तक मशाल और मोबाइल लाइट मार्च निकाला गया।
इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, मंदिरों के पुजारी, समाजसेवी और आम नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी के नए नियमों को “भेदभावपूर्ण” बताते हुए इन्हें वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते फैसला नहीं बदला, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश में आरक्षण को संविधान के तहत सीमित समय के लिए लागू किया गया था, लेकिन वर्षों से इसका लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश में केवल एक ही वर्ग के साथ अन्याय हुआ है। उनका कहना था कि आज सामान्य वर्ग के छात्र 90 प्रतिशत अंक लाने के बाद भी अवसरों से वंचित हो रहे हैं, जबकि कम अंकों वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रदर्शन में शामिल छात्र आश्विन रघुवंशी ने कहा कि सामान्य वर्ग के छात्रों को न तो सरकारी सहायता मिलती है और न ही अवसरों में समानता। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी के नए नियमों के जरिए सामान्य वर्ग के छात्रों को “पीड़क” के रूप में पेश किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय परिसरों में लिखे जा रहे नारों पर भी आपत्ति जताई और इसे सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बताया।
वहीं समाजसेवी सुरेंद्र चतुर्वेदी ने इसे आंदोलन का पहला चरण बताते हुए केंद्र सरकार को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आंकड़ों और नीतियों के जरिए समाज में जातिगत विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया, तो यह विरोध प्रदेश से निकलकर देशव्यापी आंदोलन का रूप ले सकता है।
प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले पर नजर रखी जा रही है, जबकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि मांगें पूरी न होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
