Shahdol Tiger Death: एमपी में नहीं थम रही बाघों की मौत, शहडोल में नर-मादा टाइगर मृत

Shahdol Tiger Death
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शहडोल में एक नर और एक मादा बाघ की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुरुआती जांच में करंट से मौत की आशंका जताई जा रही है।

शहडोल में एक नर और एक मादा बाघ की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शुरुआती जांच में करंट से मौत की आशंका जताई जा रही है। इलाके की घेराबंदी कर वन विभाग जांच में जुटा है।

रिपोर्ट- गुरजीत कौर

Shahdol Tiger Death: मध्यप्रदेश में बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहडोल जिले में एक नर और एक मादा बाघ की मौत से वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण एजेंसियों में चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार एक नर और एक मादा बाघ की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि, बिजली करेंट की चपेट में आने से दोनों टायगर की मौत हुई।

किसान ने जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए अवैध रूप से करंट प्रवाहित तार लगाए थे। इन्हीं वायर्स की चपेट में आकर बाघ की मौत हो गई। बाघों की मौत के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा है। अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।

बताया जा रहा है कि, रविवार रात बाघ का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची टीम को बाघिन का शव भी मिला। इसके बाद अधिकारियों ने शव को कब्जे में लिया। इलाके की घेराबंदी की गई है।

गौरतलब है कि, बाघों की मौत करंट लगने से हुई है या नहीं इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। हर ऐंगल से मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों को फिलहाल पीएम रिपोर्ट का इन्तजार है। वन विभाग के अधिकारी इलाके में जांच कर रहे हैं।

बीते कुछ समय में मध्यप्रदेश में बाघों की मौत का आंकड़ा काफी बढ़ा है। इसके चलते प्रोजेक्ट टाइगर काफी हद तक प्रभावित हुआ है। दिसंबर 2025 तक मध्यप्रदेश में 55 टाइगर्स की मौत हुई थी।

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत में 166 बाघों की मौत दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष के आंकड़ों की तुलना में चालीस अधिक है।

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