Ujjain News: उज्जैन। कनाडा हादसे में जान गंवाने वाले गुरकीरत मनोचा को उज्जैन में अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान उनकी मां और अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था। चक्रतीर्थ शमशान घात में गुरकीरत का अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने गुरकीरत मनोचा को श्रद्धांजलि दी और परिवार को ढांढस बंधाया।
सीएम ने एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया, 'कनाडा में पिछले दिनों हुई एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद स्व. गुरकीरत मनोचा जी का पार्थिव शरीर आज उज्जैन लाया गया। उनके निवास पर अंतिम दर्शन कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों के सुख-दु:ख में सदैव साथ खड़ी है। घटना के बाद स्व. मनोचा के पार्थिव शरीर को लाने के लिये भारत सरकार से अनुरोध किया था। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को यह पीड़ा सहने की शक्ति प्रदान करें।'
बता दें कि, 14 मार्च को गुरकीरत मनोचा की हत्या कर दी गई थी। पूरे 21 दिन बाद उनका शव उज्जैन लाया गया है। फोर्ट सेंट जॉन में 10-12 लोगों के एक ग्रुप ने कथित तौर पर गुरकीरत पर हमला किया था। उनके साथ मारपीट की गई थी और फिर एक गाड़ी से उन्हें कुचल दिया गया। उन्हें गंभीर चोटों के साथ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह बच नहीं पाए।
भारत वापसी का था प्लान
2024 की शुरुआत में गुरकीरत सिंह मनोचा कनाडा गए थे। ब्रिटिश कोलंबिया के फोर्ट सेंट जॉन में नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज में एक साल की पढ़ाई की। बिजनेस मैनेजमेंट में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा लेने के बाद भारत वापसी का प्लान था। वे उज्जैन में अपने पिता के फूड सप्लाई बिजनेस में हाथ बंटाना चाहते थे।
वॉलमार्ट स्टोर में नौकरी करते थे गुरकीरत
गुरकीरत की अपने पिता, गुरप्रीत के साथ आखिरी बातचीत घटना से ठीक एक दिन पहले हुई थी। ब्रिटिश कोलंबिया के उत्तर-पूर्वी कोने में बसा फोर्ट सेंट जॉन, लगभग 22,000 लोगों की आबादी वाला एक छोटा सा शहर है। गुरकीरत हफ़्ते में चार दिन क्लास अटेंड करते थे और बाकी तीन दिन काम करते थे। उन्होंने एक स्थानीय वॉलमार्ट स्टोर में नौकरी कर ली थी।
मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार परिवार को बताया गया था कि काम खत्म होने के बाद गुरकीरत अपने कुछ साथी छात्रों के साथ बाहर गए थे। इसके बाद क्या हुआ, इसकी कड़ियां जांचकर्ता अभी भी जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, एक मामूली विवाद धीरे-धीरे एक बड़ी झड़प में बदल गया। यह झड़प मारपीट में तब्दील हो गई और फिर गुरकीरत की मौत हो गई।
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