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Bhopal BRTS Corridor Update: भोपाल के आरआरएल तिराहे से मिसरोद तक पिछले दो माह में बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का काम 60 फीसदी से ज्यादा हो गया है। शेष बचा हुआ काम भी अगले माह अंत तक पूरा हो जाएगा।

Bhopal BRTS Corridor Update: भोपाल के आरआरएल तिराहे से मिसरोद तक पिछले दो माह में बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का काम 60 फीसदी से ज्यादा हो गया है। शेष बचा हुआ काम भी अगले माह अंत तक पूरा हो जाएगा। इस रोड पर जिस कंपनी को कॉरिडोर को हटाने की जिम्मेदारी दी गई है, उसने मार्च में काम शुरू किया और 31 मई तक कॉरिडोर हटाने की डेड लाइन तय की है। इस रोड पर दूसरे चरण का काम शुरू करते हुए निगम अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

31 मई की डेड लाइन तय
राजधानी भोपाल में बने स्पेशल कॉरिडोर को 31 मार्च तक पूरी तरह से बीआरटीएस कॉरिडोर हटाना था, लेकिन होशंगाबाद रोड पर वर्क ऑर्डर फरवरी माह में दिया गया। इसके बाद मार्च में काम शुरू हुआ, जिससे इस रोड पर 31 मई की डेड लाइन तय की गई।

कॉरिडोर हटाने के साथ चल रहा है डिवाइडर का भी काम
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कॉरिडोर हटने के साथ ही डिवाइडर का काम भी साथ में चल रहा है। जबकि बस स्टॉप साइकिल ट्रैक पर शिफ्ट किया जाना है। यह काम कॉरिडोर हटने के बाद होगा। निगम अधिकारियों के अनुसार सबसे ज्यादा ट्रैफिक वाला रोड होने से सावधानी पूर्वक काम किया जा रहा है। इस कारण तीन माह का वक्त पहले ही तय कर दिया गया था।

एलिवेटेड कॉरिडोर की लाइनिंग का काम 
मिसरोद से आरआरएल तिराहे तक साढ़े पांच किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का काम बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने के बाद शुरू होना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी द्वारा लाइनिंग का काम शुरू करवा रहा है। इसकी डीपीआर तैयार होने के साथ ही कंपनी को जिम्मेदारी तय कर दी गई।

पीडब्ल्यूडी द्वारा इसलिए कॉरिडोर के हटने का इंतजार किया जा रहा है। एलिवेटेड कॉरिडोर चेतक ब्रिज और आईटीआई तिराहे तक जुड़ेगा। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार होशंगाबाद रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने नगर निगम ने भी अपनी एनओसी दे दी थी। इस सड़क को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के पास भेज दिया था।

सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी
बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का काम सही तरीके और तेजी से चल रहा है। कॉरिडोर हटाने के लिए पहले से ही तीन माह का समय तय किया गया था। ट्रैफिक भार अधिक होने से सुरक्षा का भी ध्यान रखना जरूरी है।- पवन सिंह, अपर आयुक्त नगर निगम

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