भोपाल। मध्य प्रदेश का मौसम इन दिनों लगातार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कभी तेज धूप और बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, तो कभी सुबह के समय बादलों की हल्की चादर और ठंडी हवाएं मौसम को सुहावना बना देती हैं। शुक्रवार सुबह कई इलाकों में आसमान पर बादल छाए रहे और हवाएं चलने से तापमान में थोड़ी राहत महसूस हुई। हालांकि इससे पहले गुरुवार को कई शहरों में दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था।
कुछ जिलों में अब भी सर्दी का असर कायम
जबकि, कुछ जिलों में अभी भी हल्की ठंड का असर बना हुआ है, खासकर सुबह और रात के समय। मौसम विभाग के अनुसार 2 मार्च से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ एक मौसमी प्रणाली होती है जो उत्तर भारत में बादल, बारिश और कभी-कभी ओलावृष्टि भी ला सकती है। इसका असर मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में देखने को मिल सकता है, जहां हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि तब तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने की उम्मीद है।
पश्चिमी भारत पर 3 चक्रवाती परिसंचरण
फिलहाल पश्चिम भारत के ऊपर तीन चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं, लेकिन उनका प्रभाव मध्य प्रदेश पर नहीं पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। यह प्रणाली मुख्य रूप से उत्तर भारत को प्रभावित कर रही है, जिससे वहां का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर संभागों में तापमान 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है।
फरवरी में चार बार बदल चुका है मौसम
फरवरी माह में शुरुआत से अब तक राज्य का मौसम चार बार बदला है। महीने की शुरुआत में दो दौर बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी के रहे। इस दौरान प्रदेश में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। नुकसान का आकलन करने के लिए राज्य सरकार के राजस्व विभाग ने सर्वे भी कराया था। तीसरा दौर 18 से 21 फरवरी के बीच रहा, जब राज्य के कई हिस्सों में फिर से बारिश हुई। चौथा दौर 23 और 24 फरवरी को देखने को मिला, जिसमें कई स्थानों पर बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। राज्य के कई हिस्सों में रात का तापमान भी बढ़ने लगा है।