मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन आज राज्य के बजट पर विस्तृत चर्चा होनी है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मी हेमंत कटारे के इस्तीफे को लेकर तेज है। क्या वे आज अपनी चुप्पी तोड़ेंगे?

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति इन दिनों बजट सत्र पर केंद्रित हो गई है। मध्य प्रदेश विधानसभाी के बजट सत्र का छठा दिन कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सदन में आज राज्य के बजट पर विस्तार से चर्चा प्रस्तावित है, लेकिन राजनीतिक हलकों की नजर फिलहाल उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे पर टिकी हुई है।

उन्होंने 19 फरवरी को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से वे सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि वे आज सदन में पहुंचकर अपने इस्तीफे के कारणों पर खुलकर बात कर सकते हैं। सभी की नजर इस बात पर टिक गई हैं कि हेमंत कटारे अपने इस्तीफे को लेकर क्या रुख अपनाते हैं और इसका प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

कटारे के इस्तीफे से विपक्ष में हलचल
कटारे के अचानक दिए गए इस्तीफे ने विपक्षी खेमे में हलचल पैदा कर दी है। अब तक उन्होंने मीडिया या सार्वजनिक मंच पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की है। इसलिए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका बयान आगे की रणनीति को प्रभावित कर सकता है। बजट सत्र के दौरान पहले भी कई मुद्दों ने सदन का माहौल गरमाया है। कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ने एक नाम परिवर्तन के मुद्दे को उठाकर सरकार से जवाब मांगा था, जिससे बहस का दौर शुरू हुआ। प्रश्नकाल के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में भी नोकझोंक देखने को मिली। 

राज्य के बजट और प्रावधानों होगी चर्चा
विधानसभा सदन में आज राज्य के बजट पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है। सदन में होने वाली यह बहस केवल आय-व्यय के आंकड़ों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सरकार की नीतियों, प्राथमिकताओं और विकास की दिशा पर व्यापक राजनीतिक विमर्श का मंच बनती है। सबसे पहले वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट के प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा होगी।

इसमें कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, महिला एवं बाल विकास, युवाओं के लिए रोजगार योजनाएं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए किए गए प्रावधानों पर पक्ष और विपक्ष अपनी-अपनी बात रखेंगे। इस दौरान विपक्ष सरकार से यह सवाल कर सकता है कि घोषित योजनाओं के लिए वास्तविक धनराशि कितनी है और उसका स्रोत क्या है। 

पिछली घोषणाओं की प्रगति पर घेरेगा विपक्ष
इस दौरान विपक्ष पिछली घोषणाओं की प्रगति और क्रियान्वयन की स्थिति को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास करेगी। चर्चा के दौरान कर प्रस्तावों, नई परियोजनाओं, कर्ज की स्थिति और राजकोषीय घाटे जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता के साथ उठाया जाएगा। विभागों के बजट और उसके पीछे के कारणों पर भी सवाल उठ सकते हैं।

इसके साथ ही, विधायक अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों-जैसे सड़क, बिजली, पानी, अस्पताल या स्कूल-को बजट से जोड़कर सरकार से जवाब मांग सकते हैं। अनुपूरक मांगें, अनुदान की मांगों पर चर्चा और कटौती प्रस्ताव भी आ सकते हैं।  कुल मिलाकर, आज की चर्चा से यह स्पष्ट होगा कि बजट प्रदेश के विकास, कल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक संतुलन को किस दिशा में ले जाएगा।