MP सरकार ने TET विवाद में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की। लाखों शिक्षकों को राहत की उम्मीद, लंबे समय से चल रहा था विरोध।

शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर चल रहा विवाद एक अहम मोड़ पर आ गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल कर दी है। लाखों शिक्षकों के लिए इसे राहत भरी खबर माना जा रहा है। लंबे समय से जारी असमंजस और विरोध के बीच सरकार का यह कदम काफी अहम है।

याचिका 17 अप्रैल की शाम को दाखिल की गई है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बीते दिनों शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि, मामले को सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

शिक्षकों ने किया था प्रदर्शन
शिक्षकों ने बीते दिन प्रदर्शन करते हुए मांग की थी कि, सरकार को सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करनी चाहिए। इसे लेकर अब स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा था कि, शिक्षकों की मांगों पर सरकार गंभीर है।

मंत्री ने दिया था आश्वासन
राज्य कर्मचारी संघ और शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से भी मुलाकात की थी।  प्रतिनिधियों ने शिक्षकों से जुड़ी समस्या मंत्री सिंह को बताई। इसके बाद आग्रह किया था कि, सरकार सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों का पक्ष रखे। मंत्री ने आश्वासन दिया था कि, सरकार उनके साथ है।  

बता दें कि, राजधानी भोपाल में 9 अप्रैल को TET परीक्षा की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक संगठनों ने प्रदर्शन किया था। शिक्षकों ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) का घेराव किया था और परीक्षा रद्द करने की मांग की थी। नारेबाजी करते हुए शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। इसी तरह के प्रदर्शन प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भी किए गए थे।

प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने आरोप लगाया था कि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के नाम पर जारी आदेश ने हजारों पुराने शिक्षकों की नौकरी खतरे में डाल दी है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि, सरकार को टीईटी आदेश को निरस्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करनी चाहिए। 

बड़े प्रदर्शन की दी थी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि, मांगे न माने जाने की स्थिति में 18 अप्रैल को राजधानी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो प्रदेश भर के शिक्षक राजधानी भोपाल में डटे रहेंगे।

DPI भोपाल ने बीते दिनों एक आदेश जारी किया था। जिसके अनुसार जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट में पांच साल से अधिक समय बचा है उन्हें टीईटी परीक्षा देनी होगी। संबंधित शिक्षक को दो साल के अंदर यह परीक्षा पास करनी होगी नहीं तो उसकी सेवाएं खत्म हो जाएंगी। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर जारी किया गया था। इस फैसले से शिक्षक काफी नाराज थे। अब सरकार द्वारा रिव्यू पिटीशन दायर किए जाने का कई शिक्षक संगठनों ने स्वागत किया है।