मध्य प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत जबलपुर, भोपाल और इंदौर में आधुनिक शराब जांच प्रयोगशालाएं खोलने का फैसला किया है। इससे मिलावटी और नकली शराब पर नियंत्रण, जांच में पारदर्शिता और राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में लागू नई आबकारी नीति के तहत राज्य सरकार ने जबलपुर, भोपाल और इंदौर में शराब के सैंपलों की जांच के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है। प्रदेश में अब तक शराब की गुणवत्ता जांचने की सुविधा सीमित स्थानों पर ही उपलब्ध थी। सैंपल जांच के लिए दूसरे शहरों में भेजने पड़ते थे। इससे जांच रिपोर्ट आने में समय लगता था और बीच में सैंपलों के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी रहती थी। नई व्यवस्था से इस प्रक्रिया को तेज और अधिक पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

विभाग करेगा प्रयोगशालाओं का संचालन
आबकारी विभाग जल्दी ही इन प्रयोगशालाओं के लिए उपयुक्त स्थानों का चुनाव करेगा। इन प्रयोगशालाओं को सीधे विभाग के नियंत्रण में संचालित किया जाएगा, ताकि प्रभावी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इनमें आधुनिक उपकरणों और वैज्ञानिक तकनीकों की मदद से शराब की शुद्धता, उसमें मौजूद अल्कोहल की मात्रा, रासायनिक तत्वों की संरचना तथा निर्धारित मानकों के अनुरूपता की जांच की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि बाजार में बिकने वाली मदिरा सभी गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।

मिलावटी और नकली शराब पर लगेगा अंकुश
राज्य सरकार का मानना है कि इस पहल से मिलावटी, नकली और अवैध शराब के निर्माण तथा बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी। हाल के सालों में प्रदेश के अमेक इलाकों में जहरीली शराब के सेवन से कई मौतें सामने आई हैं। इन घटनाओं ने प्रशासन को गुणवत्ता नियंत्रण की व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। नई प्रयोगशालाएं ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में सहायक साबित हो सकती हैं, क्योंकि समय रहते सैंपलों की जांच कर दोषी उत्पादों को बाजार से हटाया जा सकेगा।

अवैध कारोबार रुकेगा तो बढ़ेगाा राजस्व
इस निर्णय का एक अन्य पहलू राजस्व वृद्धि से भी जुड़ा है। जब शराब की गुणवत्ता पर निगरानी सख्त होगी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा, तो सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी की संभावना है। साथ ही, वैध निर्माताओं को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि नकली उत्पादों से होने वाली प्रतिस्पर्धा कम होगी। नई नीति में यह भी प्रावधान है कि प्रदेश में निर्मित शराब का देश और विदेश में प्रचार-प्रसार किया जाएगा और विशेष आयोजनों में उसके नमूने प्रदर्शित किए जाएंगे।