A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Undefined variable $summary

Filename: widgets/story.php

Line Number: 3

Backtrace:

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme

File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp

File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once

भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश की सियासत में दलबदल का सिलसिला जारी है। मंगलवार को कांग्रेस को फिर झटका लगा। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद गुप्ता ने पार्टी से अलविदा कह दिया है। लालचंद गुप्ता ने पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को पत्र लिखकर कहा कि मैं अपने पद और पार्टी से इस्तीफा देता हूं। गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस्तीफा की जानकारी साझा की। लालचंद का आरोप है कि 5 साल प्रदेश उपाध्यक्ष रहने के बाद भी आज तक एक भी बैठक नहीं हुई। लालचंद ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के पास जाने पर अपना परिचय बताना पड़ता था। बता दें कि लालचंद गुप्ता लंबे समय से एमपी में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। लालचंद पहले भाजपा में रह चुके हैं।

कौन हैं लालचंद्र गुप्ता 
लालचंद्र गुप्ता वैश्य महासम्मेलन के उपाध्यक्ष हैं। लालचंद्र को उमाशंकर गुप्ता का करीबी माना जाता है। लालचंद्र सीधी में भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। 2018 के चुनाव में भाजपा विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे, नहीं मिली तो कमलनाथ के हाथों कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी। उन्हें उम्मीद थी कि सीधी से लगातार हार रही कांग्रेस विधानसभा या नगर पालिका का टिकट देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कमलनाथ ने नेतृत्व छोड़ा तो लालचंद्र ने भी पार्टी से किनारा कर लिया।

एक दिन पहले सैयद जाफर ने छोड़ी थी कांग्रेस 
एमपी में कांग्रेस के विकेट लगातार गिरते जा रहे हैं। एक दिन पहले सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी और मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता सैयद जाफर पार्टी का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। भाजपा कार्यालय में जाफर को सीएम मोहन यादव, वीडी शर्मा, नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की सदस्यता दिलाई थी।