मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाड़ली बहना योजना की फरवरी की किस्त जारी की। 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में ₹1500 की राशि ट्रांसफर।

Ladli Behna Yojana : मधयप्रदेश। लाड़ली बहनों के लिए आज एक अच्छी खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा जिले के पंधाना से महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की है। मुख्यमंत्री ने पंधाना में लाड़ली बहना योजना अंतर्गत राशि अंतरण के साथ -साथ विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन - लोकार्पण भी किया।

बताया जा रहा है कि, 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में 1836 करोड़ रुपए का अंतरण किया गया है। इस तरह हर महिला के खाते में फरवरी माह के 1500 रुपए आ गए हैं। पहले यह राशि 1000 रुपए थी जिसे मोहन यादव सरकार ने बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिया है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंत्री तुलसीराम सिलावट और मंत्री कुंवर विजय शाह भी मौजूद थे। लाड़ली बहानाओं को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।

बुरहानपुर में भी था सीएम का कार्यक्रम
खंडवा से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुरहानपुर में थे। उन्होंने बुरहानपुर में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹696.37 करोड़ लागत के 80 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर जिले के समग्र विकास को नई गति दी। मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यानिकी एवं अन्य विभागों की दो साल की उपलब्धियों और भावी विकास योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ कर स्टाल्स का अवलोकन भी किया।

मिनी एयरपोर्ट बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर बुरहानपुर में मिनी एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की। उन्होंने बुरहानपुर में केला उत्पादक किसानों के हित में वैल्यू एडिशन, भण्डारण एवं प्रसंस्करण के लिए इकाई स्थापित करने, बुरहानपुर में कृषि आधारित रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में नगर परिषद शाहपुर को परीक्षण उपरांत नगरपालिका का दर्जा दिया जाएगा। बुरहानपुर में बारकरी समुदाय का कीर्तन केंद्र बनाया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यानिकी विषय अब प्रदेश के सभी कॉलेजेस में पढ़ाया जाएगा। उन्होंने खामनी से दही हांडी तक खामनी से रायगांव एवं शाहपुर से शिवपुरी तक सड़क बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुरहानपुर में युवाओं के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रारंभ किए जाएंगे। राज्य सरकार बुरहानपुर सहकारी सूत मिल श्रमिकों के बकाया भुगतान कराएगी और यहां नए उद्योग-धंधे भी स्थापित करेगी।