ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय ने सत्र 2025-26 की स्नातक द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। 26 मार्च से परीक्षाएं शुरू होंगी और लगभग 50 हजार छात्र इसमें शामिल होंगे।

ग्वालियर । जीवाजी विश्वविद्यालय  ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए स्नातक द्वितीय और तृतीय वर्ष की वार्षिक परीक्षाओं की तिथियों की घोषणा कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इससे संबंधित आधिकारिक कार्यक्रम जारी करते हुए संबद्ध महाविद्यालयों को आवश्यक तैयारियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इस बार लगभग 50 हजार से अधिक छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। इसलिए परीक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया जा रहा है। 

26 मार्च से स्नातक द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं 
कुलसचिव कार्यालय की ओर से सभी कॉलेज प्राचार्यों को पत्र भेजकर परीक्षा संचालन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जारी किए गए परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार स्नातक द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं 26 मार्च से शुरू होंगी। वहीं बीए, बीकॉम और बीएससी तृतीय वर्ष की मुख्य परीक्षाएं 1 अप्रैल से आयोजित होंगी। विश्वविद्यालय ने विस्तृत टाइम टेबल आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया है, जिसमें प्रत्येक विषय की परीक्षा तिथि, समय और प्रश्नपत्र कोड का उल्लेख है। 

परीक्षा केंद्रों की सूची शीघ्र जारी की जाएगी
छात्रों से कहा गया है कि वे समय रहते कार्यक्रम डाउनलोड कर लें। प्रशासन ने छात्रों को यह भी सलाह दी है कि वे प्रवेश पत्र समय पर प्राप्त कर लें और परीक्षा से संबंधित सभी नियमों का गंभीरता से पालन करें। परीक्षा केंद्रों की सूची शीघ्र जारी की जाएगी। ग्वालियर सहित विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न जिलों के कॉलेजों को परीक्षा केंद्र के रूप में नामित किया जाएगा। केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया के तहत प्राचार्यों को आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं की पुष्टि करने को कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। 

बर्दाश्त नहीं की जाएगी अनुचित गतिविधि 
प्रशासन ने परीक्षा से जुड़ी लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा के दौरान इस वर्ष भी जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी अर्थात किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखने और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा निरीक्षण दल भी समय-समय पर केंद्रों का दौरा करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। पेयजल और बैठने की व्यवस्था, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ शौचालय और साफ-सफाई जैसे प्रबंध अनिवार्य रूप से किए जाएंगे।