जबलपुर। चर्चित अरुण चौहटेल हत्याकांड में 3 साल 9 माह इंतजार के बाद अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। करीब चार साल पहले हुई इस सनसनीखेज घटना ने शहर को झकझोर कर रख दिया था। अदालत ने मामले को गंभीर अपराध मानते हुए 9 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला लगभग 3 साल 9 महीने तक चली सुनवाई के बाद आया है। इस निर्णय से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद पूरी हुई है।
फैक्ट फाइल
- घटना: 27 जुलाई 2022
- आरोपी: 10 (1 नाबालिग)
- सजा: 9 को उम्रकैद
- सुनवाई अवधि: 3 साल 9 माह
कोर्ट ने माना सुनियोजित अपराध
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। न्यायालय ने पाया कि यह हत्या अचानक नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश का परिणाम थी।
आरोपियों ने समूह बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। इस आधार पर कोर्ट ने इसे जघन्य अपराध की श्रेणी में रखा। अदालत ने दोषियों पर जुर्माना भी लगाया और जेल भेज दिया।
नाबालिग आरोपी का मामला अलग
इस मामले में एक आरोपी नाबालिग भी शामिल था। उसका प्रकरण बाल न्यायालय में अलग से चल रहा है। बाकी सभी वयस्क आरोपियों को सजा सुनाई जा चुकी है। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने सबूतों के आधार पर मजबूत केस प्रस्तुत किया। अदालत में 3 साल 9 माह तक चले इस मामले में आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत एक छोटे विवाद से हुई थी। कुछ समय पहले पड़ोसियों के बीच कहासुनी हुई थी, जो बाद में शांत हो गई थी। लेकिन अंदर रंजिश बनी रही।
घात लगाकर किया गया हमला
धीरे-धीरे यह दुश्मनी बढ़ती गई और अंततः इसने हिंसक रूप ले लिया। आरोपियों ने बदला लेने के उद्देश्य से एक योजना बनाई। घटना की रात युवक घर से निकला था तो आरोपियों रास्ते में ही उसे रोक लिया गया। पहले से तैयार बैठे आरोपियों ने उस पर धारदार हथियारों और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में उसे गंभीर चोटें आईं और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और न्याय प्रक्रिया
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की। करीब एक महीने के भीतर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद मामला अदालत में चला और लगातार सुनवाई होती रही। परिवार ने भी न्याय के लिए लगातार संघर्ष किया। अंततः अदालत के फैसले ने इस मामले को एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया। इस मामले में कुल दस आरोपी थे। दसवां आरोपी नाबालिग था। उसका मामला अलग से चल रहा।