इंदौर नगर निगम के 8455 करोड़ के बजट पर चर्चा के दौरान सदन में तीखी बहस, नारेबाजी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिलेविपक्ष ने जहां पारदर्शिता पर सवाल उठाए, वहीं महापौर ने जवाब देने का भरोसा दिया। बजट में इस बार सड़कों, पानी और इंफ्रा विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

इंदौर। नगर निगम के बजट पर चर्चा के दौरान मंगलवार और बुधवार को सदन का माहौल काफी गर्म दिखाई दिया। सदन में 8455 करोड़ रुपए के बजट पर बहस शुरू होते ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। सदन में प्रवेश से पहले दर्शक दीर्घा में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। प्रशासन किसी भी संभावित हंगामे को लेकर पहले से सतर्क था। इस लिए बाउन्सर्स तैनात कर दिए थे। बैठक के दौरान सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। भाजपा पार्षदों ने जय श्री राम के नारे लगाए। 

विपक्ष के सवाल और महापौर का जवाब 
चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया ने नगर निगम की संपत्तियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाते। उन्होंने आरोप लगाया जब किसी विषय पर सवाल पूछा जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारी जवाब देने के बजाय दूसरे विभाग की ओर भेज देते हैं। इस पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए भरोसा दिलाया कि सभी सवालों के जवाब सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने सभापति से इस तरह की समस्याओं के समाधान के लिए स्थायी व्यवस्था बनाने को कहा।  

बजट में विकास कार्यों को प्राथमिकता 
नगर निगम के इस बजट में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। मास्टर प्लान के तहत सड़कों के निर्माण और अधूरे प्रोजेक्टों को तय समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ताकि शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके। इसके अलावा, शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए कई नई योजनाओं को भी बजट में जगह दी गई है। भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से जुडे मामले की वजह से इस बार के बजट में जलापूर्ति से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।

पेयजल परियोजनाओं पर रहा विशेष जोर 
इस बार के बजट में नर्मदा परियोजना के चौथे चरण को आगे बढ़ाने की योजना है, जिससे शहर में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी। नई पाइपलाइन बिछाने और पुरानी लाइनों को बदलने का काम भी प्रस्तावित है। हर वार्ड में पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए टेस्टिंग लैब स्थापित करने की योजना बनाई गई है। अमृत-2 सहित अन्य योजनाओं के तहत 1500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से पानी की टंकियां, सीवरेज सिस्टम और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास कार्य किए जाएंगे।

नेता प्रतिपक्ष बोले- राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान जरूरी
नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने कहा हम निष्ठा ईमानदारी से राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के प्रति संकल्पित हैं। राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर हर किसी की अलग-अलग राय हो सकती है। कांग्रेस के लिए वंदे मातरम और जन गण मन सर्वोच्च हैं। इसमें किंतु-परंतु की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा मैंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को इस संबंध में जानकारी दे दी है। जो निर्णय लेना है, वह वह पार्टी को लेना है। वंदे मातरम और जन गण मन अति आवश्यक हैं। उन्होंने कहा इससे किसी भी स्थिति में इनकार नहीं किया जा सकता। 

इस्लाम में वंदे मातरम गाने की छूट नहीं : फौजिया
फौजिया ने कहा सदन में जो किया गया, वह गलत है। फौजिया ने कहा इस्लाम में इस तरह से वंदे मातरम नहीं कह सकते। कोई हमें जबरदस्ती वंदे मारतम गाने के लिए मजबूर भी नहीं कर सकता। लगातार विरोध के बीच सभापति मुन्नालाल यादव ने फौजिया शेख को सदन के बाहर जाने को कहा। फौजिया ने इससे इनकार कर दिया और अपनी सीट पर बैठी रहीं। फौजिया में कहा हमें वह कानून दिखाइए, जो अध्यक्ष को किसी सदस्य को इस तरह भेजने का अधिकार देता है। हालांकि, बाद में स्वयं सदन से चली गईं।