मध्यप्रदेश। एमबीए छात्रा की हत्या के मामले में जांच कर रही इंदौर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी पीयूष को पुलिस ने मुंबई से हिरासत में लिया है। ट्रांजिट रिमांड के लिए उसे इंदौर लाया जा रहा है। एमबीए छात्रा का शव संदिग्ध अवस्था में पीयूष के फ्लैट में मिला था। छात्रा चार दिन से गायब थी।
पुलिस द्वारा आरोपी को तलाशने के लिए उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही थी। मुंबई में उसकी लोकेशन मिली थी। शुक्रवार देर रात टीम मुंबई रवाना हुई और आरोपी को ढूंढ निकाला। अब इंदौर लाकर उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
मामला द्वारकापुरी थाना क्षेत्र का है। यहां की पुलिस ने बताया कि, वारदात अंकली गली में हुई है। सूचना मिलने पर एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। जिस कमरे में शव मिला वह पीयूष धनोतिया का है जो मंदसौर का रहने वाला है। मृतक छात्रा और पीयूष दोनों सांवेर रोड स्थित संस्थान से एमबीए कर रहे थे।
10 फरवरी से लापता है छात्रा
10 फरवरी को छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो कॉलेज के व्हाट्स ऐप ग्रुप में आया था। परिजनों का कहना है कि, आरोपी ने ही छात्रा के फोन से आपत्तिजनक फोटो-वीडियो शेयर किए। उनके अनुसार जो अश्लील तस्वीरें-वीडियो शेयर की गई थी उसमें पुरुष का चेहरा इमोजी से ढाका हुआ था जबकि छात्रा का चेहरा साफ दिखाई दे रहा था।
बहाना बनाकर घर से निकली थी छात्रा
पुलिस ने बताया कि, एमबीए छात्रा आधार कार्ड ठीक करवाने की बात कहकर घर से निकली थी। उसके पिता ने उसे कलेक्टर ऑफिस तक छोड़ा था। इसके बाद छात्रा ने अपनी बहन को फोन कर बताया कि, वो पीयूष के साथ बर्थडे पार्टी मनाने जा रही है, रात 11 बजे तक लौट आएगी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया।
गुमशुदगी की रिपोर्ट
जब छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो कॉलेज के व्हाट्स ऐप ग्रुप में आया तो मैनेजमेंट ने छात्रा के परिजनों को बुलाया। 11 फरवरी को भी दोनों के मोबाइल फोन बंद मिले तो छात्रा के पिता ने थाने में जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
कमरे से बदबू आने पर बुलाई पुलिस
पुलिस की टीम ने 12 फरवरी को भी छात्रा की तलाश की। परिजनों का आरोप है कि, पुलिस ने अपना काम ठीक से नहीं किया। एक पुलिस वाला पीयूष के कमरे तक गया था लेकिन ताला लगा देखकर वापस आ गया। शुक्रवार (13 फरवरी) को जब कमरे से बदबू आई तो दोबारा पुलिस को बुलाया गया। परिजनों का कहना है कि, आरोपी ने उनकी बेटी के आपत्तिजनक वीडियो व्हाट्स ऐप से कई अन्य नंबरों पर भी भेजे थे।
