इंदौर। प्रदेश के इंदौर शहर की सड़कों पर इन दिनों एक नया चेहरा लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह चेहरा है शुभी जैन का, जो एक स्वयंसेवी ट्रैफिक कॉप और एमबीए की छात्रा हैं। शुभी अपने अनोखे और नाटकीय अंदाज में ट्रैफिक संभालने के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। लोग उन्हें डांसिंग ट्रैफिक गर्ल और लेडी सिंघम जैसे नामों से पुकार रहे हैं।
उनका अंदाज परंपरागत रूप से पुलिस की सख्ती के विपरीत बेहद मजेदार, दोस्ताना और बेहद रचनात्मक है। यह लोगों को खूब पसंद आ रहा है। अपने इस मजेदार अंदाज की वजह से वह लोगों को आसानी से नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर पाती हैं। उनके वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं।
ट्रैफिक संभालने का तरीका बिल्कुल अलग
शुभी का ट्रैफिक संभालने का तरीका पारंपरिक शैली से बिल्कुल अलग है। वे सिग्नल पर खड़े होकर सिर्फ हाथ के इशारों से वाहनों को नियंत्रित नहीं करतीं, बल्कि डांस मूव्स, स्टाइलिश सलामी और नाटकीय हाव-भाव के जरिए लोगों का ध्यान खींचती हैं। कभी वे मूनवॉक करती दिखाई देती हैं तो कभी तालबद्ध अंदाज़ में हाथ हिलाकर वाहनों को रुकने या चलने का संकेत देती हैं। उनका उद्देश्य केवल ट्रैफिक कंट्रोल करना नहीं, बल्कि लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाते हुए उन्हें नियमों का महत्व समझाना होता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
एक वायरल वीडियो में शुभी एक लड़की को देखकर मजाकिया अंदाज़ में कहती हैं कि उसके खरगोश वाले ईयर कवर बहुत क्यूट हैं, लेकिन हादसे के समय ये उसे नहीं बचाएंगे। इस हल्के-फुल्के संवाद के माध्यम से वे हेलमेट और सुरक्षा के महत्व की ओर इशारा करती हैं।
इसी तरह जब वे तीन युवकों को एक ही बाइक पर बैठा देखती हैं, तो मजाक में कहती हैं कि इनसे दोस्ती निभाना सीखो, तीनों साथ जी रहे हैं और साथ चल रहे हैं। उनके इस अंदाज़ में छिपा संदेश साफ है कि ट्रिपलिंग खतरनाक है।
मुस्कुराकर समझाती हैं ट्रैफिक के नियम
शुभी सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं और अपने अनुभवों के वीडियो साझा करती रहती हैं। एक वीडियो में वे एक महिला का हाथ पकड़कर सुरक्षित सड़क पार करवाती नजर आती हैं। दूसरे वीडियो में वे रेड सिग्नल तोड़ने की कोशिश कर रहे साइकिल चालक को हंसी-खुशी वापस रोकती हैं।
उनका यह व्यवहार दर्शाता है कि वे नियमों का पालन करवाने के लिए सख्ती से ज्यादा संवेदनशीलता और समझदारी को महत्व देती हैं। उनकी सोच पूरी तरह गांधीगिरी पर आधारित है। वे मानती हैं कि लोगों को दंड देने के बजाय प्यार और विनम्रता से समझाना ज्यादा प्रभावी होता है।
