ग्वालियर। शहर में दहेज की मांग को लेकर एक बेहद गंभीर और अमानवीय घटना सामने आई है। यहां एक पति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी पर एसिड फेंक दिया, क्योंकि उसकी कार की मांग पूरी नहीं हुई थी। इस हमले में महिला के साथ-साथ उसकी गोद में मौजूद चार महीने की मासूम बच्ची भी झुलस गई। महिला को बचाने के लिए आगे आए उसके ससुर भी एसिड के छींटों से प्रभावित हुए। यह घटना 1 मार्च 2026 की रात ग्वालियर के लोहिया बाजार इलाके में हुई, जिसने एक बार फिर दहेज प्रथा की भयावह सच्चाई को सामने ला दिया है।
शादी के बाद ही शुरू कर दी कार की मांग
पुलिस ने बताया कि 28 वर्षीय योगिता अग्रवाल की शादी 6 फरवरी 2024 को मनन अग्रवाल से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के समय लड़की के परिवार ने अपनी क्षमता से अधिक खर्च किया था। शुरुआत में कुछ दिनों तक सब सामान्य रहा, लेकिन शादी के लगभग दो-तीन हफ्ते बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से कार की मांग शुरू हो गई। पति और परिवार के अन्य सदस्य योगिता पर दबाव डालने लगे कि वह अपने पिता से कार दिलवाने के लिए कहे। योगिता ने अपने पति को समझाने की कोशिश की कि उसके पिता के लिए इतनी बड़ी मांग पूरी करना संभव नहीं है।
आए दिन होते थे दोनों के बीच झगड़े
इसके बावजूद पति का व्यवहार लगातार कठोर होता गया। वह आए दिन पत्नी के साथ झगड़ा करने लगा। करीब चार महीने पहले योगिता ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद भी दहेज को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ। बताया गया कि घटना वाले दिन पति नशे की हालत में घर लौटा और उसने फिर से पत्नी पर कार के लिए मायके फोन करने का दबाव बनाया। जब योगिता ने इसका विरोध किया तो पति ने गाली-गलौज शुरू कर दी। गुस्से में आकर उसने घर में रखी एसिड की बोतल उठाई और पत्नी पर फेंक दी।
पुलिस ने दर्ज किया दहेज प्रताड़ना का केस
उस समय योगिता अपनी चार महीने की बच्ची को गोद में लेकर बैठी हुई थी। एसिड गिरने से महिला के हाथ, पैर और जांघ का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। कुछ छींटे बच्ची पर भी पड़े, जिससे वह भी प्रभावित हुई। शोर सुनकर जब ससुर बहू को बचाने पहुंचे तो एसिड की कुछ बूंदें उनकी शर्ट पर भी गिर गईं। घटना के बाद परिजनों ने महिला और बच्ची को अस्पताल पहुंचाया। इलाज के बाद महिला अपने मायके चली गई। बाद में उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और हमले का मामला दर्ज कर लिया है।