भाजपा के राष्ट्रीय संगठन के पुनर्गठन से पहले मध्य प्रदेश से 15 नेताओं के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे गए हैं। नई टीम में युवा और महिला चेहरों को मौका मिल सकता है। जानिए क्या है पूरी सियासी रणनीति।

 भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। खबर है कि राष्ट्रीय संगठन में मध्य प्रदेश से कई नेताओं को अहम जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। सूत्रों के अनुसार प्रदेश संगठन ने 15 ऐसे नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे हैं, जो इस समय सरकार या प्रदेश संगठन में नहीं हैं और केंद्रीय संगठन में अहम भूमिका निभा सकते हैं। यह पहल संगठन में नई ऊर्जा और व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

मोर्चों और प्रकोष्ठों का भी पुनर्गठन भी होगा
 नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम गठित करने के अलावा विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों का भी पुनर्गठन भी किया जाना है। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व ने राज्यों से नामों के सुझाव मांगे थे, जिसके तहत प्रदेश इकाई ने संभावित नामों की सूची भेजी है। माना जा रहा है कि इस बार संगठन में संतुलन बनाते हुए अनुभवी चेहरों के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को भी प्राथमिकता दी जा सकती है। वर्तमान में मध्य प्रदेश से सत्यनारायण जटिया संसदीय बोर्ड में सदस्य हैं। इसके अलावा ओम प्रकाश धुर्वे राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके अलावा, लाल सिंह आर्य अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। 

नड्डा की टीम में थे मध्य प्रदेश से चार नेता
जेपी नड्डा के अध्यक्षीय कार्यकाल में उनकी टीम में मध्य प्रदेश के चार नेताओं को स्थान मिला था।  उस समय कैलाश विजयवर्गीय राष्ट्रीय महासचिव की भूमिका में थे, हालांकि बाद में उन्हें पंदी पद देकर राज्य सरकार में जगह दी गई। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि मध्य प्रदेश लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है। ऐतिहासिक रूप से यहां संगठन की जड़ें गहरी रही हैं। हिंदू महासभा और भारतीय जनसंघ जैसे संगठनों की सक्रियता ने इस क्षेत्र में वैचारिक आधार तैयार किया, जिसका लाभ बाद में भाजपा को मिला। 

क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने पर पार्टी का जोर
पार्टी सूत्रों के अनुसार भाजपा संगठन अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में काम कर रही है। प्रदेश के नेता राष्ट्रीय राजनीति में भी प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। इस बार संभावना है प्रदेश के 4 से 5 नेताओं को राष्ट्रीय टीम में शामिल किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार इनमें एक या दो महिला नेता शामिल हो सकती हैं। पार्टी युवा चेहरों को 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाकर भविष्य के लिए मजबूत नेतृत्व तैयार करना चाहती है। जिन नेताओं को मुख्य टीम में स्थान नहीं मिलेगा, उन्हें मोर्चों और प्रकोष्ठों में जिम्मेदारी दी जा सकती है।