होली से पहले भोपाल से मथुरा जाने वाले यात्रियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। ब्रज की पारंपरिक होली देखने के लिए ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकी हैं और वेटिंग लिस्ट लंबी हो गई है। कई लोग अब सड़क मार्ग का सहारा ले रहे हैं। जानिए पूरा हाल।

भोपाल। होली का त्योहार जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे भोपाल के लोगों में मथुरा जाकर ब्रज की पारंपरिक होली देखने का उत्साह तेज होता जा रहा है। इस वर्ष मथुरा में होली समारोह को विशेष रूप से आयोजित किए जाने की चर्चा है, जिसके चलते मध्यप्रदेश की राजधानी से बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचने की योजना बना रहे हैं। भोपाल और मथुरा के बीच की दूरी लगभग 400 किलोमीटर है। इस दूरी को ट्रेन 8 से 9 घंटे में तय किया जा सकता है। सुविधाजनक रेल संपर्क के कारण ज्यादातर यात्री ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं। ट्रेनों में त्योहार की वजह से वैसे ही बहुत भीड़ है। 

रेलगाड़ियों में बिल्कुल जगह उपलब्ध नहीं
त्योहार की वजह से पहले से ही टिकट उपलब्ध नहीं हैं। ब्रज जाने वालों को इस वजह से बड़ी विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि मार्च के पहले सप्ताह, खासकर 2 से 4 मार्च के बीच मथुरा जाने वाली लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों में सीटें भर चुकी हैं। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक करा लिए थे, उन्हें तो आरक्षित सीटें मिल गईं, लेकिन अब यात्रा का कार्यक्रम बनाने वाले लोगों को लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना करना पड़ रहा है। स्लीपर से लेकर थर्ड एसी और सेकंड एसी तक हर श्रेणी में वेटिंग चल रही है। यहां तक कि प्रीमियम ट्रेनों में भी टिकट मिलना आसान नहीं रह गया है। 

ट्रैवल एजेंसियों-टूर आपरेटरों की चांदी   
इससे साफ है कि त्योहार के मौके पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ गई है। रेलवे में जगह नहीं मिलने से कई लोग अब सड़क मार्ग का विकल्प चुन रहे हैं। भोपाल की ट्रेवल एजेंसियों और टूर ऑपरेटरों के पास मथुरा जाने के लिए टैक्सी बुक कराने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले कुछ दिनों में दर्जनों गाड़ियों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। एजेंसियों का कहना है कि प्रतिदिन कई लोग जानकारी लेने और वाहन आरक्षित कराने पहुंच रहे हैं। 2 से 5 मार्च के बीच की तारीखों में विशेष मांग देखी जा रही है। लोग किसी भी कीमत में ब्रज की होली का अनुभव करना चाहते हैं।

बेटिकट यात्रियों से वसूला करोड़ों जुर्माना
उधर रेलवे प्रशासन भी सतर्क है। जनवरी महीने में पश्चिम मध्य रेलवे क्षेत्र में टिकट जांच अभियान चलाकर बिना टिकट यात्रा करने वालों पर कार्रवाई की गई। इस अभियान के दौरान एक लाख से अधिक मामलों में जुर्माना वसूला गया। अतिरिक्त किराए और दंड के रूप में करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। यह उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य से भी ज्यादा बताई जा रही है। भोपाल रेल मंडल में भी टिकट निरीक्षकों ने सख्त रुख अपनाया। हजारों मामलों में कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए का जुर्माना वसूला गया। रेलवे की यह कार्रवाई अब भी जारी है।