भोपाल में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 लागू हो गए हैं। अब कचरे को चार श्रेणियों में अलग करना अनिवार्य है, नियम तोड़ने पर जुर्माना लगेगा। नगर निगम ने सख्ती शुरू कर दी है।

भोपाल। राजधानी भोपाल में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 को लागू कर दिया गया है। नगर निगम ने इस दिशा में सख्त कदम उठाते हुए अलग-अलग वार्डों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें तैनात कर दी हैं। इन टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर मौके पर ही कार्रवाई की जाए। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि अब कचरा प्रबंधन को लेकर प्रशासन कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

4 तरह से कचरा अलग करना जरूरी 
नए नियमों के तहत अब हर घर और संस्थान को कचरे को चार हिस्सों में अलग करना होगा-गीला, सूखा, सेनेटरी और खतरनाक कचरा। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने में अभी कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं। शहर के कई सार्वजनिक स्थानों पर अभी भी सिर्फ दो या तीन तरह के डस्टबिन ही उपलब्ध हैं, जिससे लोगों को कचरा अलग करने में परेशानी हो रही है।

इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से बढ़ी उलझन 
नए नियम लागू होने के बावजूद जरूरी सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई हैं। कई जगहों पर सेनेटरी वेस्ट, ई-वेस्ट या एक्सपायर्ड दवाइयों के लिए अलग डस्टबिन मौजूद नहीं हैं। इस वजह से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि किस तरह का कचरा कहां डाला जाए। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसमें सड़क पर कचरा फेंकना, थूकना या पालतू जानवरों का कचरा गलत तरीके से फेंकना भी शामिल है।

नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
बड़े स्तर पर कचरा उत्पन्न करने वाले होटल, मॉल और संस्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है। हालांकि नियम लागू कर दिए गए हैं, लेकिन आम लोगों में अभी इन नए प्रावधानों को लेकर पूरी जानकारी नहीं है। कई लोग यह नहीं जानते कि चार तरह के कचरे को अलग-अलग कैसे संभालना है। यही कारण है कि नियमों के सफल क्रियान्वयन के लिए जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।

जल्द लगेंगे कलर-कोडेड डस्टबिन
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में पुराने डस्टबिन हटाकर नए कलर-कोडेड डस्टबिन लगाए जाएंगे। इसमें हरा रंग गीले कचरे के लिए, नीला सूखे कचरे के लिए, लाल सेनेटरी वेस्ट के लिए और काला खतरनाक कचरे के लिए निर्धारित किया गया है। नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने कहा कि शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इसमें और सुधार दिखेगा।