भोपाल। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर सामने आने के बाद कई स्थानों पर शोक सभाएं आयोजित की गई हैं। भोपाल स्थित करौंद स्थित एक शिया मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। जोहर की नमाज के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को याद करते हुए उन्हें एक निडर मार्गदर्शक बताया। इस दौरान शोकसभा में गूंजे अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे गूंजे।
अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई
सभा में वक्ताओं ने कहा खामेनेई को दुनिया भर में एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता था, जिन्होंने अन्याय के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई। उनके समर्थकों का मानना है कि उन्होंने अपने जीवनकाल में उत्पीड़ितों के पक्ष में खड़े होकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा किसी विचारधारा की ताकत किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं होती, बल्कि वह अपने अनुयायियों के विश्वास और समर्पण से आगे बढ़ती है।
इजराइल व अमेरिका के विरोध में नारे लगाए
कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक माहौल देखने को मिला। लोगों ने अमेरिका और इजराइल के विरोध में नारे लगाएइसके साथ ही धार्मिक नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। उपस्थित लोगों ने खामेनेई के नेतृत्व और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। सभा को संबोधित करते हुए धर्मगुरुओं ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि शहादत किसी आंदोलन को समाप्त नहीं करती, बल्कि उसे नई ऊर्जा देती है।
कठिनाई में सिद्धांतों पर अडिग रहे खामनेई
वत्ताओं ने कहा कठिन परिस्थितियों में भी सिद्धांतों पर अडिग रहना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है। वक्ताओं ने समुदाय से धैर्य बनाए रखने और एकजुट रहने की अपील की। मस्जिद मोहम्मदी के इमाम जुमा सैयद अजहर हुसैन रिजवी ने भी अपने संबोधन में खामेनेई को एक निडर मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक धार्मिक सेवाएं दीं। उन्होंने खामेनेई को ऐसा नेता बताया, जो किसी जाति या फिरके के आधार पर भेदभाव नहीं करते थे।