भोपाल में धर्मांतरण व सेक्स रैकेट मामले में खुलासा हुआ कि आरोपी बहनें झूठे रेप केस दर्ज कर युवकों को ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलती थीं।

भोपाल। धर्मान्तरण और सेक्स रैकेट चलाने वाली सगी बहनें अमरीन और आफरीन लड़कियों को ही नहीं बल्कि लड़कों को भी ब्लैकमेल करती थीं। जब कोई ग्राहक लड़की के लिए ऊंची कीमत नहीं दे पाता था तो उसके खिलाफ झूठे रेप केस दर्ज करवाए जाते थे। जब मामला अदालत तक पहुंचता तो केस वापस लेने के बदले मोटी रकम मांगी जाती थी। इस बात का खुलासा तब हुआ जब पुलिस द्वारा पीड़िताओं से पूछताछ कर मामले की जांच की जा रही है। यह भी सामने आया है कि, अमरीन और आफरीन के करीबी चंदन ने अपना धर्म बदल लिया था। उसके द्वारा भी दुष्कर्म किया जाता था और लड़कियों को ब्लैकमेल किया जाता था।

पुलिस जांच और जिला अदालत में दर्ज पीड़िताओं के बयान के आधार पर यह तथ्य सामने आए हैं कि, नौकरी, आर्थिक सहायता और पारिवरिक सहयोग के आधार पर दोनों बहनें महिलाओं को अपने जाल में फंसाती थी। कभी एक-दूसरे को ननद भाभी तो कभी सहेली बताकर लोगों से मिलती थीं। 

सागर रॉयल विला से शुरू हुई कहानी
इस पूरे मामले की शुरुआत नर्मदापुरम रोड स्थित सागर रॉयल विला से हुई। कुछ साल पहले इसे किराए से लिया गया था। यहीं से सभी गलत काम संचालित किए जाते थे। पुलिस मकान मालिक पर भी केस दर्ज करने की तैयारी में है। डुप्लेक्स में बुलाकर पहली बार किसी युवती का शोषण किया जाता था। इसके बाद उसे हाई प्रोफाइल पार्टियों में छोटे कपड़े पहनाकर ले जाया जाता था। पीड़िताओं के अनुसार अगर वे विरोध करतीं तो उनके वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी दी जाती थी। 

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पहचान छिपाने के लिए बुर्का देती थीं
पीड़िताओं ने अदालत में बताया कि, उन्हें पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनने पर मजबूर किया जाता था। इसी के साथ दोनों बहनें उन्हें धर्म बदलने और इस्लामिक तौर-तरीकों का पालन करने की हिदायत भी दिया करती थीं। देह व्यापार करके लड़कियां जो कमाती थीं उसका बड़ा हिस्सा दोनों बहनें हथिया लेती थीं। जब लड़कियां इस बात के खिलाफ आवाज उठाती तो उन्हें धमकी दी जाती थी।

फोन में मिले कई महिलाओं की तस्वीरें
यह भी पता चला है कि, इस गिरोह की शिकार केवल दो लड़कियां नहीं बल्कि कई महिलाएं हैं। इनमें कुछ कॉलेज स्टूडेंट भी शामिल हैं। वे महिलाएं भी इस गिरोह का शिकार बनीं जो विधवा हैं और घर चलाने के लिए नौकरी की तलाश में थीं। इन आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं की स्थिति का फायदा उठाकर दोनों बहनें उन्हें जिस्म फरोशी के धंधे में धकेल देती थीं। महिलाओं की फोटो व्हाट्स ऐप के जरिए ग्राहकों को भेजी जाती थी। पुलिस को आरोपियों के फोन में भी कई महिलाओं की तस्वीरें मिली हैं।

क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर हो सकता है केस
दोनों बहनें केवल सेक्स और धर्मान्तरण रैकेट से ही नहीं बल्कि लड़कों को ब्लैकमेल करके भी मोटी कमाई किया करती थीं। पता चला है कि, अहमदाबाद सहित कई बड़े शहरों में लड़कों के खिलाफ दुष्कर्म के झूठे केस दर्ज करवाए गए। इसके बाद समझौते के नाम पर लाखों वसूले गए। पुलिस अब ऐसे मामलों की सूची बना रही है। बागसेवनिया थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस आयुक्त संजय कुमार इस मामले को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर करने की तैयार में हैं। फिलहाल पुलिस द्वारा अमरीन और चंदन को अतिरिक्त रिमांड पर लिया गया है।