भोपाल। भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा देर रात सीएम आवास पहुंचे और सीएम डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह से मुलाकात की। कालूहेड़ा ने उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के विरोध में आंदोलन करने की धमकी दी थी। इसके बाद उन्हें प्रदेश संगठन ने भोपाल तलब किया था। सूत्रों के अनुसार सीएम आवास पर हुई बैठक में पार्टी नेतृत्व ने विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के हालिया बयान पर नाराजगी जाहिर की गई। उन्हें नसीहत दी गई कि वे सामान्य असहमतियों को इस तरह सार्वजनिक रूप से न उठाएं।
विधायक ने दी थी आंदोलन की चेतावनी
उज्जैन के पिपलीनाका क्षेत्र में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को लेकर विधायक ने जनआंदोलन की चेतावनी दी थी। इसे लेकर संगठन ने उन्हें तलब कर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। बैठक में मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सिंहस्थ आयोजन की तैयारियों को देखते हुए विकास कार्यों में सहयोग देने पर जोर दिया। विधायक कालूहेड़ा ने अपने बयान पर खेद जताया और कहा आगे वह सिंहस्थ से जुड़े कामों में सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा प्रशासन को भी स्थानीय लोगों से चर्चा कर निर्णय लेना चाहिए, ताकि किसी को परेशानी न हो।
सड़क चौड़ीकरण बना विवाद की वजह
असल में उज्जैन के पिपलीनाका इलाके में सड़क चौड़ीकरण की योजना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। नगर निगम ने सड़क किनारे बने करीब 410 मकानों को नोटिस देकर सात दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। कई घरों का हिस्सा सड़क विस्तार की जद में आ रहा है, जिससे लोगों को डर है कि उनके मकान काफी हद तक टूट जाएंगे। इसी बीच कुछ परिवारों के बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं भी चल रही हैं, इसलिए अचानक मिले नोटिस से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।
बैठक के बाद नरम पड़े विधायक
इसके बाद लोगों ने विरोध जताते हुए विधायक के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया था। स्थानीय निवासियों के दबाव में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा था यदि सड़क को 24 मीटर से अधिक चौड़ा किया गया तो वे खुद जनता के साथ सड़क पर उतरेंगे और आंदोलन का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गलत जानकारी दी है। हालांकि. भोपाल में पार्टी नेतृत्व से चर्चा के बाद उनका रुख नरम पड़ गया। उन्होंने कहा वह लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रशासन और सरकार के साथ मिलकर इसका हल निकालेंगे।