Jabalpur High Court: गेस्ट फैकल्टी को राहत, फॉलन-आउट आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

जबलपुर स्थित मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने राज्य सरकार द्वारा जारी 13 जनवरी 2026 के फॉलन-आउट आदेश के प्रभाव पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश माननीय न्यायमूर्ति मनींदर एस. भट्टी की एकलपीठ द्वारा पारित किया गया।
याचिकाकर्ता गेस्ट फैकल्टी की ओर से अधिवक्ता आलोक तिवारी ने न्यायालय को बताया कि संबंधित शिक्षक कई वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अचानक फॉलन-आउट घोषित कर दिया गया, जो कि डिवीजन बेंच के पूर्व निर्णय (संजूता नेमा बनाम राज्य शासन) के स्पष्ट निर्देशों के विपरीत है।
डिवीजन बेंच के फैसले का हवाला
हाईकोर्ट ने माना कि डिवीजन बेंच पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी है कि गेस्ट फैकल्टी को तब तक कार्य से नहीं हटाया जा सकता, जब तक उनकी जगह नियमित भर्ती या स्थानांतरित प्राध्यापक की नियुक्ति नहीं हो जाती। न्यायालय ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता वे शिक्षक नहीं हैं, जिन्हें 13 अक्टूबर 2025 के बाद नई नियुक्ति दी गई हो।
कोर्ट की टिप्पणी में यह भी सामने आया कि शासन द्वारा न्यायालय के पूर्व निर्देशों की गलत व्याख्या करते हुए गेस्ट फैकल्टी को फॉलन-आउट घोषित किया गया।
राज्य सरकार को नोटिस
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित सरकारी अधिवक्ता ने जवाब पेश करने के लिए समय मांगा। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार एवं अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
अगली सुनवाई तक राहत बरकरार
हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक 13 जनवरी 2026 के फॉलन-आउट आदेश के क्रियान्वयन पर पूर्ण रोक लगा दी है। साथ ही न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों की सेवाएं यथावत जारी रहेंगी।
